
shane warne
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) क्रिकेट का एक बड़ा टूर्नामेंट है। भव्य तरीके से इस टूर्नामेंंट का आयोजन किया जाता है। इस टूर्नामेंट में सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशी टीमों के बहुत सारे दिग्गज प्लेयर्स भी हिस्सा लेते हैं। इसके अलावा आईपीएल में खेलने के लिए प्लेयर्स को मोटी रकम भी मिलती है। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के कई प्लेयर्स भी आईपीएल में खेलते हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व लेग स्पिनर शेन वॉर्न राष्ट्रीय टीम को नजरअंदाज कर आईपीएल में खेलने वाले खिलाड़ियों से नाराज हैं। उनका कहना है कि क्रिकेट बोर्ड को ऐसे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में चुनना ही नहीं चाहिए। वॉर्न का ये बयान IPL 2021 के शेष मैचों के आयोजन को लेकर आया है।
वॉर्न को खटक रही यह बात
देश में कोरोना की दूसरी लहर के कारण IPL 2021 को बीच में ही स्थगित करना पड़ा था। इस टूर्नामेंट के पहले चरण में सिर्फ 29 मैच ही खेले गए थे। अब शेष मैचों का आयोजन दूसरे चरण में यूएई में किया जाएगा। आईपीएल 2021 के शेष मैच सितंबर—अक्टूबर में खेले जाएंगे। हालांकि बीसीसीआई के सामने एक चुनौती होगी कि दूसरे चरण में कई विदेशी खिलाड़ी भाग नहीं ले पाएंगे। जिस दौरान आईपीएल के दूसरे चरण का आयोजन होगा, उस समय कई टीमों को अलग-अलग देश का दौरा करना है, इनमें इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमें शामिल हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को आईपीएल और देश के लिए खेलने में से किसी एक को चुनना होगा। शेन वॉर्न को यही बात खटक रही है कि कुछ खिलाड़ी पैसों के चक्कर में अपनी राष्ट्रीय टीम को नजरअंदाज कर सकते हैं और आईपीएल में खेलने जा सकते हैं।
'ऐसे खिलाड़ियों को नेशनल टीम में चुनना ठीक नहीं'
शेन वॉर्न ने एक पॉडकास्ट कार्यक्रम में इस पर बोलते हुए कहा कि आईपीएल और ऐसी दूसरी लीग से खिलाड़ियों को जो पैसा मिल रहा है, उससे उन्हें कोई परेशानी नहीं है। अगर खिलाड़ी पैसा कमाना चाहते हैं तोे उन्हें ऐसा करने दीजिए, लेकिन पैसों के लिए अपनी नेशनल टीम को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। वॉर्न ने कहा कि अगर खिलाड़ी अपने देश के लिए क्रिकेट खेलना चाहते हैं और इसके बाद भी आईपीएल को चुनते हैं तो उनको नेशनल टीम में चुनना ठीक नहीं है। वॉर्न का कहना है कि ऐसे खिलाड़ी बहाना बनाकर आराम करेंगे और पैसे के कारण देश के लिए खेलने का मौका छोड़ देंगे।
टेस्ट क्रिकेट बेहद अहम
इसके अलावा वॉर्न ने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट में खेलकर ही खिलाड़ी को परखता है इसलिए टेस्ट क्रिकेट बहुत अहम है। टेस्ट क्रिकेट में ही खिलाड़ी की काबिलियत की असली पहचान होती है। उनका कहना है कि अगर खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं और फिर लीग को चुनते हैं तो इसमें कोई परेशानी नहीं। वॉर्न ने यह भी कहा कि मूल्यवान क्रिकेटर बनना चाहते हैं तो अपनी काबिलियत परखना चाहते हैं तो इसके लिए एक ही जगह है और वह है अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, खासकर टेस्ट क्रिकेट।
Updated on:
27 Jun 2021 07:56 am
Published on:
27 Jun 2021 07:54 am
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