NSCB: मेडिकल कॉलेज की 103 ट्रेनी नर्सें बर्खास्त, छुट्टी के दिन लिया प्रबंधन ने निर्णय 

नियमों के विपरीत थीं हड़ताल में शामिल, अन्य को भी जारी किया नोटिस, मेट्रन कार्यालय में नोटिस किया चस्पा, पांचवें दिन भी जारी रही हड़ताल

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Jun 12, 2016
nurse
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने रविवार को अवकाश दिवस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए हड़ताल में शामिल ट्रेनिंग अवधि के तहत कार्यरत 103 नर्सों को बर्खास्त कर दिया। आदेश मेट्रन कार्यालय के बाहर चस्पा कर दिया गया है। वहीं नियमित नर्सों को काम पर लौटने के लिए सोमवार तक का समय दिया गया है। उधर, नर्सेस एसोसिएशन हड़ताल पर अडिग है और अब इस मामले में प्रमुख सचिव से बात करने की बात कह रहा है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ एक लिपिक को हटाने की मांग को लेकर नर्सें हड़ताल पर हैं। रविवार को इसका पांचवां दिन था। नर्सेस एसोसिएशन, मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचरी एसोसिएशन एवं अन्य संगठनों के विवाद में मरीज पिस रहे हैं। अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हैं। अभी कार्य के लिए बीएएससी नर्सिंग छात्राओं को लगाया गया है।

मरीजों का नुकसान
हड़ताल के आगे मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी बेबस नजर आ रहा है। कड़ी कार्रवाई तो की गई, लेकिन मरीजों की परेशानी कायम है। रूटीन के ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं, तो वहीं आकस्मिक चिकित्सा विभाग की व्यवस्थाएं भी बाधित हो रही हैं।

प्रसव केस एल्गिन रेफर
हड़ताल के चलते प्रसव केस रानी दुर्गावती अस्पताल भेजे जा रहे हैं। विक्टोरिया जिला अस्पताल से भी अति आवश्यक स्थिति में मरीजों को मेडिकल रेफर करने को कहा गया है।

बैठक में नहीं बनी बात
हड़ताली नर्सों और प्रशासन के बीच रविवार को बैठक हुई, लेकिन बात नहीं बनी। नर्सों के अडि़यल रवैये को देखते हुए मेडिकल प्रशासन ने रिपोर्ट शासन को दी और उसके बाद ट्रेनी नर्सों पर कार्रवाई की। प्रशासन ने हड़ताली अन्य नर्सों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट दी है। इनके खिलाफ भी ट्रांसफर व अन्य कार्रवाई हो सकती है।

इनका कहना है कि
अत्यावश्यक सेवाएं बाधित करने के मामले में परीविक्षा अवधि की 103 नर्सों के खिलाफ बर्खास्तगी का आदेश दिया गया है। सोमवार तक अन्य सभी नर्सों को काम पर लौटने का नोटिस चस्पा किया गया है। हड़ताल जारी रहने पर शासन स्तर पर इनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
डॉ. रूपलेखा चौहान, डीन, मेडिकल कॉलेज

नर्स एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष सोमवार को प्रमुख सचिव चिकित्सा व स्वास्थ्य से वार्ता करेंगी। फिर हड़ताल के बारे में निर्णय लिया जाएगा। आखिर कौन सी मजबूरी है कि एक लिपिक के खिलाफ जांच के बजाय मेडिकल प्रशासन 390 नर्सों को बाहर करना चाहता है।
हर्षा सोलंकी, जिला अध्यक्ष, मेडिकल नर्सेस एसोसिएशन

Published on:
12 Jun 2016 09:44 pm
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