23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जबलपुर में 14 मवेशियों की एक साथ मौत, रहस्य बना जहर

cattle died : जिले के कुंडम तहसील के सातनझिर गांव में जहरीला चारा खाने से 14 मवेशियों की मौत होने के बाद पशु पालन विभाग के अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं।

2 min read
Google source verification
पशुओं में वर्ष व शरद ऋतु में होने वाले बीमारियों से बचने के लिए टीकाकरण किया जाता है।

पशुओं में वर्ष व शरद ऋतु में होने वाले बीमारियों से बचने के लिए टीकाकरण किया जाता है।

cattle died : जिले के कुंडम तहसील के सातनझिर गांव में जहरीला चारा खाने से 14 मवेशियों की मौत होने के बाद पशु पालन विभाग के अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं। शासन स्तर पर भी रिपोर्ट मांगी गई है। मवेशियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए गठित चिकित्सकों की विशेष टीम ने बुधवार को गांव के सभी 110 मवेशियों की जांच की। कोई नया पशु बीमार नहीं मिला है। टीम ने ग्रामीणों से भी जानकारी ली। टीम कुछ दिन और गांव में रहकर मवेशियों पर नजर रखेगी। प्राथमिक जांच और पोस्टमार्टम में जहरीली चीज खाने से मवेशियों की मौत की जानकारी सामने आई थी। लेकिन दूसरे दिन भी जहर कौन सा था, इसका खुलासा नहीं हो सका।

Cow deaths: चारा बना जहर, चार गाय सहित 14 मवेशियों की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि

cattle died : जहर का नहीं हो सका खुलासा, पशु चिकित्सकों ने की मवेशियों की जांच
कुंडम तहसील के सातनझिर गांव में पशु चिकित्सकों की टीम तैनात
मुआवजे पर निर्णय नहीं

मवेशियों की मौत से कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट आ गया है। ग्रामीणों बुद्दु मरावी, राजू तिंसिया ने बताया कि उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया है। लेकिन अभी तक मुआवजे पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। इससे उनमें नाराजगी है। इस सबंध में पशु पालन विभाग के उपसंचालक प्रफुल्ल मून ने बताया कि गांव में स्पेशल टीम भेजी गई है, जो मवेशियों के स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। पशुओं की हुई क्षति का आकलन और मुआवजे का निर्णय राजस्व विभाग का मामला है।

cattle died : कुंडम तहसील के सातनझिर गांव की घटना

घटना कुंडम तहसील के सातनझिर गांव की है। जानकारी के अनुसार आवारा छोड़े गए और आधा सैकड़ा मवेशियों का झुंड सुबह गांव से बाहर गया था। कुछ घंटे बाद ही मवेशी एक-एक करके अचेत होकर गिरने लगे। अधिकतर को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। पशु पालकों ने जब देखा तो सकते में आ गए। तहसील और थाने को इसकी सूचना दी। तो पशु चिकित्सा विभाग की टीम के साथ अमला मौके पर पहुंचा। तब तक 14 मवेशियों की मौत हो चुकी थी। मौके पर ही बीमार दो दर्जन से अधिक मवेशियों को इलाज दिया गया। जिनकी हालत में सुधार है।