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#MedicalCollageRagging रैगिंग करने वाले चार मेडिकल स्टूडेंट्स एक महीने तक कॉलेज में बैन

#MedicalCollageRagging रैगिंग करने वाले चार मेडिकल स्टूडेंट्स एक महीने तक कॉलेज में बैन  

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medical students

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जबलपुर. नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में रैगिंग मामले में एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच पूरी कर ली है। चारों छात्रों को रैगिंग का दोषी पाया गया है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने चारों छात्रों को क्लास से एक माह के लिए निष्कासित कर दिया है। उन पर 25-25 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। आरोपी छात्रों को दोबारा इस तरह के कृत्य पर कॉलेज से निष्कासित करने की चेतावनी दी गई है।

मेडिकल में जांच, 25-25 हजार जुर्माना लगाया

यह है मामला
मेडिकल कॉलेज के छात्रावास-2 में 19 अगस्त की शाम को 2022 बैच के एक छात्र से चार सीनियर छात्रों ने रैगिंग की थी। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। डीन के निर्देश पर वार्डन ने 2019 बैच के छात्र शोएब मंसूरी, 2021 बैच के हर्षित पटेल, अतुल लोधी और अर्जुन बड़ोले को छात्रावास से निष्कासित कर दिया था। 21 अगस्त को मामले की जांच एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपी गई थी।

जांच में पुष्टि

जांच दल में डॉ. परवेज अहमद सिद्दीकी की अध्यक्षता में कॉलेज के सभी छात्रावास के वार्डन कमेटी के सदस्य थे। पीड़ित छात्र के साथ अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। आरोपियों से जवाब मांगा गया। जांच में रैगिंग की पुष्टि हुई। कमेटी ने शुक्रवार को रिपोर्ट डीन को सोंपी। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।इस घटना के एक दिन पहले ही कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया था। जिसमें रैगिंग पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। रैगिंग से सम्बन्धित दिशा निर्देश भी जारी किए थे।

मानवाधिकार आयोग ने भी मांगा था जवाब

कॉलेज में हुई रैगिंग की घटना का मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया था। आयोग के सचिव ने संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने डीन, मेडिकल कॉलेज, जबलपुर एवं संचालक, चिकित्सा शिक्षा, भोपाल को नोटिस जारी कर जवाब देने के निर्देश दिए थे।