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Admission: इंजीनियरिंग कॉलेजों में चार हजार सीट खाली, नहीं मिल रहा प्रवेश

Admission: इंजीनियरिंग कॉलेजों में चार हजार सीट खाली, नहीं मिल रहा प्रवेश  

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engineering college

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जबलपुर. प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। सरकारी कॉलेजों में इंजीनियरिंग की सभी सीट भर गई हैं। दूसरी ओर प्राइवेट कॉलेजों में अभी तक सीटें नहीं भर पाई हैं। इसे देखते हुए डॉयरेक्टर टेक्निकल एजुकेशन ने दोबारा काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की है। तीन दिन के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया को दोबारा से खोला गया है। इसमें शामिल होने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर है। जानकारों के अनुसार जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में सभी 856 सीट फुल हो चुकी हैं। जिले के 12 निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब बारह हजार सीट में से करीब आठ हजार सीट पर ही प्रवेश हो पाया है। चार हजार सीट अभी खाली हैं।

कॉलेजों ने दर्ज कराई थी आपत्ति
प्रदेश में इंजीनियरिंग कॉलेजों में सत्तर हजार सीटें इस साल आरक्षित की गई हैं। काउंसलिग के दौरान करीब चालीस हजार सीटें ही भर सकी थी। विशेषज्ञ डॉ. पंकज गोयल ने कहा कि डीटीई ने पूर्व में 30 सितंबर को काउंसलिंग प्रक्रिया क्लोज कर दी गई थी। इंजीनियरिंग कॉलेज संगठन ने डीटीई के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी।

रात 11.30 बजे तक रजिस्ट्रेशन
इंजीनियरिंग के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश को लेकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 30 अक्टूबर की रात 11.30 बजे तक रहेगी। संस्था स्तर पर पंजीयन करा चुके अभ्यार्थी अधिकृत पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। प्रवेश के लिए इच्छुक संस्था में सुबह 10.30 बजे अभ्यार्थी को मौजूद रहना होगा। मेरिट के आधार पर प्रवेश मिलेगा। प्रवेश को 30 अक्टूबर की दोपहर 3 बजे तक निरस्त कराया जा सकता है।

जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर पीके झींगे ने बताया कि प्रवेश पाने से वंचित रह गए ऐसे छात्रों के लिए दोबारा से डीटीई ने मौका प्रदान किया है। छात्र सीधे रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। कॉलेजों में बड़ी संया में सीटें खाली हैं।