24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जबलपुर में 500 गुंडे-बदमाश पुलिस हिटलिस्ट में शामिल

-थानेवार टॉप-10 बदमाशों की तैयार की जा रही सूची

less than 1 minute read
Google source verification
500 hooligans involved in police hitlist in Jabalpur

500 hooligans involved in police hitlist in Jabalpur

जबलपुर। जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए एसपी चार वर्षों में हुए अपराध का विश£ेषण तैयार कर एक नया डाटा निकालने की कोशिश की है। चार वर्षों में हुए अपराध के अनुसार ही गुंडा और नए निगरानी बदमाशों की सूची तैयार की गई। अब लूट, चोरी, सडक़ हादसे, छेड़छाड़ और चाकूबाजी वाले क्षेत्रों को चिन्हित कराया है। थानेवार ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां पुलिस का मुवमेंट बढ़ाया है।
फैक्ट-
निगरानी बदमाश-101
चिन्हित गुंडा-399
चार वर्षों में इतने क्षेत्र में ये अपराध हुए-
वाहन चोरी-126 क्षेत्र
नकबजनी-126 क्षेत्र
लूट-57 क्षेत्र
सडक़ हादसे-210 क्षेत्र
छेड़छाड़-91 क्षेत्र
चाकूबाजी-109 क्षेत्र
जानकारी के अनुसार पुलिस ने 399 गुंडों को चिन्हित कर उन्हें गुंडा घोषित कराया और सभी के खिलाफ फाइनल बाउंडओवर की कार्रवाई कराई जा रही है। जिससे उनके द्वारा अपराध करने पर 122 की कार्रवाई की जा सके। वहीं सम्पत्ति सम्बंधी अपराधों के आधार पर 101 बदमाशों की निगरानी फाइल खोली गई है। इनके खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। बीटवार ऐसे अपराधियों की रोजाना निगरानी रखने और उनके गुजर-बसर की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
गम्भीर अपराध, जो पुलिस की कराते हैं किरकिरी-
चाकूबाजी, छेड़छाड़, नकबजनी, सडक़ हादसे, वाहन चोरी और लूट की वारदात बदमाशों व चोरों के दुस्साहस को दर्शाते हैं। इससे आमजन सीधा प्रभावित होता है। पुलिस प्लान और चौकसी बरत कर ऐसे अपराधों पर अंकुश लगा सकती है। इसी को रोकने जिले में पिछले चार वर्षों में हुए अपराध और घटनास्थल का डाटा विश£ेषण कर क्षेत्र चिन्हित किया है। 500 मीटर के दायरे वाले इन क्षेत्रों में ही बार-बार वारदातें होती रही हैं। ये ऐसे क्षेत्र हैं जहां पिछले चार वर्षों में तीन से अधिक वारदातें हुई हैं।
वर्जन-
गुंडा लिस्ट, निगरानी फाइल के साथ ही नकबजनी, वाहन चोरी, लूट, चाकूबाजी और छेड़छाड़ के पिछले चार वर्षों में हुई वारदात के आधार पर क्षेत्र चिन्हित कर पुलिस का मुवमेंट बढ़ाया हूं।
सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी