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जबलपुर की बारिश में बह गए 6 लोग, मौज मस्ती के चक्कर में गई जान

जबलपुर की बारिश में बह गए 6 लोग, मौज मस्ती के चक्कर में गई जान  

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death in river

death in river

जबलपुर. जिले में नर्मदा, परियट, गौर, हिरन सहित कई पहाड़ी नदियां और उनसे जुड़े पिकनिक स्पॉट हैं, जो बारिश में पर्यटन हब बन जाते हैं। जिले में नहरों का भी जाल फैला है। हर साल अप्रैल से लेकर अगस्त के बीच में बड़ी संख्या में नदियों-नहरों में हादसे होते हैं। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने नदियों के घाटों या नहरों के खतरनाक प्वाइंट पर सख्त इंतजाम नहीं किया। इसका नतीजा यह है कि कभी सेल्फी जानलेवा साबित होती है, तो कभी नहाना भारी पड़ जाता है।

जिले में पर्यटन स्थलों पर लगातार हादसे, कहीं नहर, तो कहीं फॉल में नहाते समय हो रहा हादसा


जिले में अप्रैल में गर्मी शुरू होते ही लोग नदी, तालाब व नहरों की ओर रुख कर लेते हैं। इसमें बड़ी संख्या किशोर व 30 वर्ष से कम उम्र वाले युवक होते हैं। अधिकतर तैराकी में प्रशिक्षित नहीं होने के बाद भी गहरे पानी में नहाने के लिए उतरते हैं और जान गंवाते हैं। जिले में एसडीआरएफ ट्रेनिंग सेंटर है। फिर भी तैराकी का बुनियादी प्रशिक्षण और लोगों को जागरूक करने का कोई कैलेंडर नहीं है। थानेवार खतरनाक स्थलों की जानकारी होने के बाद भी वहां से कोई ड्यूटी प्वाइंट निर्धारित नहीं किया जाता। धुआंधार को छोड़ दें तो कहीं भी चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगा है। धुआंधार में एक आरक्षक के व्यक्तिगत प्रयास से हर कई लोगों की जिंदगी बच जाती है।

यहां मनाने जाते हैं पिकनिक- बरगी डैम, पायली, भेड़ाघाट, न्यू भेड़ाघाट, लम्हेटाघाट, गोबच्छाघाट, तिलवाराघाट, ग्वारीघाट, खारीघाट, बगदरी फॉल, टेमल फॉल, परियट जलाशय, गौर नदी, खंदारी, सुहार, हिरन नदी के तटों पर लोग पिकनिक मनाने जाते हैं।

इस कारण होते हैं हादसे
- पिकनिक स्पॉट पर सेल्फी लेते हुए फिसलने से
- नहाते समय छलांग लगाने से
- तैराकी न आने पर ही गहराई में जाने से
- कई पहाड़ी नदियों में बारिश के चलते अचानक बहाव आने से
- नहरों में नहाने के दौराने

ये इंतजाम नहीं
- खतरनाक स्थलों पर बोर्ड नहीं लगे हैं
- पिकनिक स्पॉट पर फिक्स प्वाइंट नहीं लगाते।
- गहराई वाले स्थलों पर रस्सी या जंजीर नहीं लगाई गई है
- स्थानीय गोताखोरों को समन्वय नहीं, जिससे हादसा होने पर तुरंत मदद ली जा सके।

IMAGE CREDIT: patrika

एक जनवरी से दो अगस्त के बीच हुए हादसे

- 27 जनवरी को बरगी के टेमर नदी में 40 वर्षीय डूब गया
- 06 फरवरी को कटंगी में हिरन नदी में शव मिला
- 17 मार्च को बरेला में 10 वर्षीय बालक नहाते समय डूब गया
- 05 अप्रैल को तिलवारा में 13 वर्षीय किशोर डूबा
- 05 अप्रैल को पनागर में हिरन नदी में युवक डूबा
- 15 अप्रैल को गोसलपुर के नर्मदा नहर में शव मिला
- 26 अप्रैल नदी में बेलखेड़ा के हिरन नदी में 35 वर्षीय युवक की डूबकर मौत
- 06 मई को बरेला नहर में 11 वर्षीय बालक डूबा
- 09 मई को तिलवारा में युवक डूबा
- 10 मई को बरेला में महिला की डूबकर मौत
- 16 मई को कटंगी के परियट में 13 बालक की मौत
- 03 जुलाई को पनागर में नहर में नौ वर्षीय बालक डूबा
- 03 जुलाई को बरेला में गौमुख गौर में 16 वर्षीय किशोर डूबा
- 04 जुलाई को गोसलपुर में नहर में युवक की डूबकर मौत
- 17 जुलाई को भेड़ाघाट में नहाने गई 19 वर्षीय युवती की डूबकर मौत
- 17 जुलाई को खमरिया में युवक की डूबकर मौत
- 17 जुलाई को मझगवां में नहर में वृद्ध का शव मिला
- 19 जुलाई को ग्वारीघाट में 23 वर्षीय युवक भिटौली में नहाते समय डूब गया
- 31 जुलाई को भेड़ाघाट में किशोर नहाते समय डूब गया
- 01 अगस्त को सिहोरा में युवक की लाश नहर में मिली
- 02 अगस्त को तिलवारा में बरगी नहर में नहाते समय किशोर डूबा
- 02 अगस्त को खमरिया के रिठौरी नहर में युवक की लाश मिली