
Rajasthan Mining Area: कनकांचल व आदिबद्री क्षेत्र में खनन कार्य पूरी तरह बंद
जबलपुर. हाइवे के निर्माण के नाम पर नर्मदा के कछार को खोद डालने वाली बागड़ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड पर कलेक्टर ने 82 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह राशि एक महीने में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। मामला नर्मदा कछार के मानेगांव का है।
जानकारी के अनुसार जबलपुर-हाइवे के निर्माण के लिए खनिज विभाग ने मानेगांव क्षेत्र मिट्टी व पत्थर खनन के लिए लीज मार्च 2019 में दी थी। लेकिन कंपनी ने बिना सीमा का निर्धारण किए अंधाधुंध खनन शुरू कर दिया था। विभाग ने मौके पर जांच की तो पाया गया था कि कंपनी ने स्वीकृत क्षेत्र के साथ स्वीकृत क्षेत्र के बाहर भी दक्षिण-पश्चिमी एवं उत्तर-पूर्व दिशा में पत्थर का अवैध उत्खनन किया है।
हाइवे बनाने के लिए बिना अनुमति नर्मदा के कछार में खनन, लगाया 82 करोड़ का जुर्माना
बागड़ इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को एक माह में राशि जमा कराने के निर्देश
इस हिस्से की 187 मीटर लम्बाई, 117 मीटर चौड़ाई और 27 मीटर गहराई तक कुल 5 लाख 90 हजार 733 घनमीटर पत्थर का अवैध उत्खनन किया गया। इस कारण 8 मार्च 2021 को खनिज पट्टा निरस्त कर दिया गया था। इसमें एक लाख 80 हजार घनमीटर पत्थर के अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज कर उसका निराकरण किया जा चुका है।
रायल्टी के 40 गुना बराबर जुर्माना
मामले की सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने दस्तावेज, कारण बताओ नोटिस, खनिज अधिकारी के प्रतिवेदन के बाद पाया कि कंपनी ने मानेगांव में दूसरी बार मप्र गौण खनिज नियम का उल्लंघन किया है। इसलिए 4 लाख 10 हजार 733 घनमीटर पत्थर का अवैध उत्खनन किए जाने पर रायल्टी के 40 गुना बराबर राशि जो कि 82 करोड़ 14 लाख 66 हजार रुपए का जुर्माना बागड़ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड बांसवाड़ा राजस्थान पर लगाया गया है। कंपनी के संचालक विनोद जैन को नोटिस जारी कर जल्दी जुर्माने की रकम अदा करने के निर्देश दिए गए हैं।
Published on:
01 Oct 2022 12:41 pm
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