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ये है अनोखा स्कूल, यहां इस्तेमाल के लिए नही हैं शौचालय

पड़ताल में सामने आया कि इस स्कूल में पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा भी नहीं है।
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Abha Sen

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Updated: 15 Jan 2017, 9:39 AM IST

school

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जबलपुर। प्रदेश के सरकारी स्कूलों की दुर्दशा यहां के नौनिहालों का भविष्य लीलने के लिए आतुर है। संभाग व जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक प्राथमिक स्कूल एेसा भी है, जहां केवल तीन कमरों में पांच कक्षाओं के छात्र एक साथ पढऩे को मजबूर हैं। पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि इस स्कूल में पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा भी नहीं है। स्कूल में दो कमरों में शौचालय बनाया गया है, लेकिन पानी के बिना यह बंद रहता है। एक में तो दरवाजा ही नहीं है।

आसपास के बच्चों ने बताया कि स्कूली बच्चे आसपास के खेतों में शौच आदि के लिए जाते हैं। तीसरी कक्षा के छात्र संदीप ने बताया कि एक कमरे में तीन कक्षाएं लगने से बहुत दिक्कत होती है। शिक्षक क्या बोलते हैं, अक्सर समझ में नहीं आता। पूरे समय शोरशराबा होता रहता है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा सिर पर आ गई है, लेकिन उन्हें पूरा कोर्स समझ में नहीं आया है। लगभग 2 बजे स्कूल की पड़ताल की गई तो वहां ताला लटका मिला।

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100 से अधिक बच्चे
जबलपुर से पाटन रोड पर खजरी खिरिया से गुडग़वां रोड पर स्थित मनयारी खुर्द गांव में शासकीय शिक्षा गारंटी प्राथमिक शाला स्थित है। इस स्कूल में एक इमारत है, जिसमें दो छोटे-छोटे एक-एक खिड़की वाले कक्ष हैं। दो कमरे की एक इमारत और बनी, जिसके एक कमरे में कार्यालय है। इस तरह यहां पांच कक्षाओं के लिए तीन ही कमरे हैं। पांचवी कक्षा तक के स्कूल में 100 से अधिक बच्चे हैं। दो कमरों में चौथी और पांचवीं के बच्चे बैठते हैं। शेष एक कमरे में पहली, दूसरी व तीसरी कक्षा के बच्चे बैठ कर पढ़ते हैं।