जबलपुर वीयू लैब भेजे गए नमूने, प्रारंभिक जांच में शिकार की आशंका, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में हुई थी बाघ की मौत
जबलपुर. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में एक बाघ की मौत को लेकर पार्क प्रबंधन ने जांच के लिए बाघ के सेम्पल जबलपुर के वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक हेल्थ और भोपाल िस्थति लैब को भेजे गए हैं। फाेरेंसिक एक्सपर्ट इसकी जांच कर रहे हैं। वीयू की लैब ने प्रारंभिक जांच कर ली है जबकि भोपाल की लैब की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। दोनों सेटरों की रिपोर्ट के आधार पर बाघ की मौत का खुलासा हो सकेगा। जानकारों के अनुसार वेटरनरी के चिकित्सकों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में बाघ पर हमला किए जाने के साथ ही उसके शिकार होने की भी आशंका जताई गई है। इस संबंध में पार्क प्रबंधन को अवगत कराया गया है। भोपाल लैब भेजे गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। दोनों रिपोर्ट के आधार पर बाघ की मौत के कारणों से पर्दा उठेगा। हालांकि इस संबंध में वीयू चिकित्सकों ने कुछ भी कहने से इंकार किया।
क्या था मामला
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में बाघ का शिकार 25 जून को किया गया था। जिसके बाद बाघ का क्षत- विक्षत शव बरामद हुआ था। बाघ का सिर नहीं था। जानवरों द्वारा हमला किए जाने अथवा शिकार की आशंका को लेकर पार्क प्रबंधन ने इसकी जांच के लिए जबलपुर वेटरनरी चिकित्सालय के चिकित्सकों की मदद ली गई थी। भोपाल िस्थत हाई सिक्योरिटी लैब में भेजे गए नमूनों का रिपोर्ट अभी आना बाकी है। इसी तरह उमरिया पान क्षेत्र में करौंदी बीट में भी साढे चार साल की मादा तेंदुआ की करंट लगने से मौत हो गई है। इस मामले में भी शव का पीएम होना शेष है।