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शाह का चुनावी मंत्र : पार्टी नेताओं से बोले- बागियों को बिठाओ, खूब प्रत्याशी उतरने दो, जीत का रास्ता यहीं से निकलेगा

जबलपुर भाजपा में डैमेज कंट्रोल : रूठे नेताओं से मिले केंद्रीय गृहमंत्री, बगावत पर की चर्चा   - seat the rebels, let many candidates field, the path to victory will emerge from here only.

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amit shah rajasthan election

Amit Shah

जबलपुर। बगावत पर डैमेज कंट्रोल के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह खुद उतर पड़े हैं। शनिवार को जबलपुर दौरे पर आए शाह ने चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों व रणनीतिकारों के साथ ही रूठे नेताओं से भी मुलाकात की। उन्होंने सभी नेताओं से दो टूक कहा कि पार्टी के बागियों को मनाओ, उन्हें चुनाव मैदान में नहीं उतरने दो और अन्य दलों सहित निर्दलियों को खूब लडऩे दो, इसी से जीत का रास्ता निकलेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इसकी शुरूआत उन्होंने जबलपुर से की। भाजपा के संभागीय कार्यालय में उन्होंने जबलपुर सहित संभाग के सभी आठ जिलों के चुनाव से सीधे जुड़े पदाधिकारियों से सीधे संवाद किया। यह संख्या करीब तीन सौ थी, जिला अध्यक्षों से चुनावी तैयारी और मतदान की व्यवस्था की जानकारी ली और दूसरे नेताओं से मैदानी स्थिति जानी। उन्होंने टिकट कटने से रूठे नेताओं में शरद जैन, हरेंद्रजीत सिंह बब्बू, धीरज पटेरिया सहित अन्य से मुलाकात की और चर्चा कर चुनाव नहीं लडऩे और पार्टी के लिए काम करने की समझाइश दी।

कमजोर सीटों पर फोकस
शाह का सबसे अधिक फोकस 2018 में हारी और उन कमजोर सीटों पर रहा, जहां एंटी इन्कंबेंसी का असर है। या फिर बागी समीकरण बिगाड़ रहे हैं। ऐसी एक-एक सीट पर चर्चा की और ठीक किए जाने के सुझाव लिए। बैठक में तय किया गया कि कमजोर सीटों के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी। जो फील्ड पर जाकर कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करेगी और प्रभावशाली लोगों को जोड़ेगी।

नाराज नेताओं से मिले
केंद्रीय गृह मंत्री नाराज नेताओं से मुलाकात की। 2018 में बगावत करने और इस बार भी प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से भडक़े धीरज पटेरिया को कार्यालय बुलाया गया था। 21 अक्टूबर को भाजपा कार्यालय में हंगामें और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ हुई झूमाझटकी को लेकर संदेह के दायरे में पटेरिया के समर्थक भी रहे हैं। जो उत्तर सीट से अभिलाष पाण्डेय को टिकट दिए जाने से नाराज थे। शाह ने पटेरिया से 15 मिनट बात की और पार्टी के लिए काम करने की समझाइश दी। पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू को भी अलग से समझाया।

फीडबैक से उलझा पेंच
बताया गया है कि बैठक में जबलपुर संभाग के आठों जिलों के अध्यक्षों की रिपोर्ट और फीडबैक से मामला उलझ गया। कई सीटों की कमजोर स्थिति सामने आई तो केंद्रीय गृह मंत्री शाह चौंक गए। चर्चा को बीच में ही छोडकऱ वे छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव गए और जनसभा को संबोधित कर फिर जबलपुर लौटकर आए और दोबारा बैठक की। पार्टी पदाधिकारियों से फीडबैक लेने के बाद शाह ने केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव, भूपेंद्र सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, सीटी रवि के साथ अलग से बैठक की। गृह मंत्री शाह दोपहर एक बजे जबलपुर पहुंचे। सबसे पहले वे राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह के शहीद स्मारक स्थल गए और श्रद्धाजंलि दी।

सांसद को पहचानते नहीं
बैठक के लिए कार्यालय पहुंचीं राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि की पुलिस कर्मियों से हुज्जत हुई। उनके नाराज होते ही कुछ पार्टी कार्यकर्ता आए और अंदर लेकर गए तब मामला शांत हुआ। दरअसल सुमित्रा जब कार्यालय की ओर बढ़ रहीं थीं, तो गेट पर पुलिसकर्मियों ने रोक लिया और कार्ड दिखाने के लिए कहने लगे। इससे वे नाराज हो गईं। उन्होंने कहा कि सांसद को ही नहीं पहचानते हो, किसने ड्यूटी लगा दी है।