
बेहद रहस्यमयी है 11वीं शताब्दी में बना ये प्राचीन मंदिर, अनसुलझे हैं कई राज
दुनियाभर में भारत ही एक मात्र ऐसा देश है, जिसकी पहचान यहां के धर्मों की विवधताओं को लेकर होती है। भारत में कई प्राचीन और ऐतिहासिक धर्मस्थल है, जहां दर्शन करने आने वाले भक्तों के साथ साथ देश विदेश से सैलानी भी उनसे जुड़ी कई मान्यताएं, चमत्कार और अद्भुत कलाकृति देखने आते हैं। यहां कई धार्मिक स्थल बेहद रहस्यमयी भी हैं, जिन्हें विज्ञान के इस आधुनिक दौर में भी अबतक कोई समझ नहीं सका है। आज हम आपको भारत के दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के प्राचीन और रहस्यमयी मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके कई राज आज भी अनसुलझे हैं।
हम बात कर रहे हैं जबलपुर के ग्वारीघाट रोड पर स्थित बादशाह हलवाई मंदिर की। मंदिर की स्थापना 11वीं से 13वीं शताब्दी के बीच कलचुरी काल में हुई थी। दूर से देखने पर ये मंदिर काफी छोटा मालूम होता है, लेकिन जब आप इसमें प्रवेश करेंगे तो आपको चारों युग जिनमें सतियुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग के अद्भुत दृष्य देखने को मिलेंगे। यही नहीं यहां सभी दिशाएं भी देखने को मिलेंगी। वहीं अगर आप इस मंदिर की गुम्बद पर गौर करेंगे तो आपको इस पर श्री यंत्र बना हुआ दिखेगा।
यहां नवग्रह और 27 नक्षत्र भी देखने को मिलते हैं। मंदिर के पुजारी जी के अनुसार मंदिर में करीब 500 प्रतिमाएं स्थापित हैं। इस मंदिर की हर एक दीवार में देवताओं की प्रतिमा देखी जा सकती है। मंदिर 30 स्तंभ पर टिका हुआ है। मंदिर के अंदर हर एक चीज हर एक तस्वीर किसी ना किसी कहानी को बयां करती है।
मंदिर का नाम बादशाह हलवाई कैसे पड़ा ?
मंदिर के बारे में जानते हुए आपके दिमाग में ये सवाल जरूर आया होगा कि आखिर इसका नाम ऐसा कैसे पड़ गया ? इसपर हम आपको बता दें कि वैसे तो इस मंदिर का असल नाम पंचानन महादेव मंदिर है, लेकिन लोग इसे बादशाह हलवाई के नाम से जानते हैं। मंदिर के पुजारी के अनुसार, बादशाह हलवाई नाम के एक शासक हुआ करते थे। पुराने जमाने में ये मंदिर उनके कब्जे में था, इसलिए लोग इसे बादशाह हलवाई के नाम से जानने लगे। तब से लेकर अबतक इस मंदिर को इसी नाम से लोकप्रियता मिली हुई है।
भगवान की मर्जी के बिना मंदिर में नहीं आ सकता कोई
मंदिर के पुजारी जी के अनुसार, यहां की सबसे खास मान्यता ये है कि इस मंदिर के अंदर सिर्फ वही आ पाता है, जिसे सिर्फ भगवान भोलेनाथ बुलाना चाहते हैं। वरना आप इस मंदिर के सामने से गुजर जाओगे और आपको पता भी नहीं चलेगा। शायद यही कारण है कि इतना प्राचीन होने के बावजूद इस मंदिर के बारे में बहूत कम लोग ही जानते हैं और अगर आम तौर पर देखा जाए तो बाहर से देखने के आपको ये मंदिर साधारण ही दिखेगा। आपको अंदर जाए बिना इस मंदिर की खूबसूरती नहीं दिख सकती।
Published on:
26 Nov 2023 01:58 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
