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अन्नपूर्णा माता का व्रत पूजन करें, धन धान्य से भरा रहेगा घर आंगन- देखें पंचांग

अन्नपूर्णा माता का व्रत पूजन करें, धन धान्य से भरा रहेगा घर आंगन- देखें पंचांग

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annapurna mata vrat puja vidhi aaj ka panchang

annapurna mata vrat puja vidhi aaj ka panchang

जबलपुर। शुभ विक्रम संवत् : 2075, संवत्सर का नाम : विरोधकृत्, शाके संवत् : 1940, हिजरी संवत् : 1440, मु.मास: सफर-18, अयन : दक्षिणायण, ऋतु : हेमंत, मास : मार्गशीर्ष, पक्ष : कृष्ण
तिथि - पूर्णा तिथि पंचमी रात्रि 2.13 तक उपरांत नंदा तिथि षष्ठी रहेगी। पूर्णा तिथि पंचमी के स्वामी सूर्य हैं। आज के दिन सूर्य की आराधना करना, गायत्री मंत्र का जप करना तथा असहाय निर्धन की सहायता करना, धर्मस्थलों की यात्रा, देवदर्शन तथा जनहितैषी कार्य हेतु पंचमी तिथि अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है।
योग- रात्रि 11.26 तक शुक्ल उपरांत ब्रह्म योग रहेगा। दोनों ही नैसर्गिक योग शुभ तथा सुखद हैं।
विशिष्ट योग- शुक्ल योग के साथ स्थिर नामक उपयोग का सुखद संयोग है। यह सभी कार्यों हेतु मंगलकारी है।

करण- सूर्योदय काल से कौलव उपरांत तैतिल तदनंतर गर करण का प्रवेश होगा। करण गणना सामान्य है।
नक्षत्र- चरसंज्ञक तिर्यड़मख नक्षत्र पुनर्वसु दोपहर 1.41 तक उपरांत क्षिप्रसंज्ञक पुष्य नक्षत्र रहेगा। पुनर्वसु नक्षत्र में सभी प्रकार के मांगलिक कार्य शुभ माने जाते हंै। उपनयन, विवाह, यज्ञोपवीत, आभूषण निर्माण, क्रयविक्रय, विपणि व्यापार, भ्रमण मनोरंजन से जुड़े कार्य सम्पादित किए जा सकते हैं, लग्र का विचार कर कार्य करना हितकर है।

शुभ मुहूर्त - आज पुंसवन, प्रसूति स्नान, विपणि व्यापार, क्रयविक्रय, दीक्षाग्रहण, नवान्न भक्षण, आवेदन पत्र लेखन, सेवारम्भ, शस्त्रधारण, जैसे कार्य हेतु दिन शुभ रहेगा।
श्रेष्ठ चौघडि़ए- आज सूर्योदय प्रात: 9.00 से 10.30 चर दोपहर 10.30 से 1.30 लाभ, अमृत तथा रात्रि 7.30 से 9.00 लाभ की चौघडिय़ा शुभ तथा श्रेष्ठ मानी जाती है।
व्रतोत्सव- आज अन्नपूर्णा व्रत अन्नपूर्णेश्वरी व्रत शुभारम्भ का व्रत व्रतोत्सव पर्व रहेगा। श्री हनुमत आराधना हेतु दिन शुभ है।
चन्द्रमा : प्रात: 8.4 बजे तक मिथुन राशि में उपरांत चन्द्र प्रधान राशि कर्क राशि में संचरण करेगा।

ग्रह राशि नक्षत्र परिवर्तन: सूर्य के तुला राशि में गुरु तुला राशि में तथा शनि धनु राशि के साथ सभी ग्रह यथा राशि पर स्थित हैं। सूर्य का अनुराधा नक्षत्र में संचरण रहेगा।
दिशाशूल: आज का दिशाशूल उत्तर दिशा में रहता है। इस दिशा की व्यापारिक यात्रा को यथा सम्भव टालना हितकर है। चन्द्रमा का वास पश्चिम दिशा में है, सन्मुख एवं दाहिना चन्द्रमा शुभ माना जाता है।
राहुकाल: दोपहर 3.00.00 से 4.30.00 बजे तक। (शुभ कार्य के लिए वर्जित)
आज जन्म लेने वाले बच्चे - आज जन्मे बालकों का नामाक्षर के,को,हा,ही अक्षर से आरम्भ कर सकते हैं। पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मे बालकों की राशि मिथुनहोगी, दोपहर 1.41 के उपरांत जन्मे बालकों का जन्म नक्षत्र पुष्य होगा। मिथुन राशि के जातक प्राय: स्वस्थ, सुंदर, आकर्षक तथा बुद्धिमान प्रवृत्ति के होते हैं, कला एवं संगीत के विशेष लगाव रहता है, अभिनय कला के क्षेत्र में प्रयास करने पर सफलता प्राप्त करते हैं।

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