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एरिया एजुकेशन ऑफीसर सम्भालेंगे कमान, संकुल व्यवस्था होगी समाप्त

स्कूली शिक्षा का नया सेटअप सहायक संचालकों की पदस्थापना के साथ शिक्षा विभाग ने शुरू की तैयारी

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Private school

Holidays preparing for holidays in private schools, kids excited

जबलपुर. स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नया सेटअप लागू करने की कवायद शुरू कर दी है। नई व्यवस्था में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का जिम्मा एरिया एजुकेशन ऑफीसर (एईओ) को सौंपा जाएगा। ब्लॉक एजुकेशन ऑफीसर (बीईओ) और बीआरसी के पदों को समाहित कर सहायक संचालक की नियुक्ति के साथ इसकी शुरुआत हो गई है। प्रदेश के समस्त विकासखंडों में प्रभारी सहायक संचालकों की नियुक्ति कर दी गई है। जल्द ही प्रत्येक संकुल स्तर पर एक एईओ की नियुक्ति की जाएगी।

एईओ की नियुक्ति होते ही संकुल प्राचार्य, बीआरसी और जनशिक्षक व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। विभाग नवीन शिक्षण सत्र से राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग को अस्तित्व में लाने की तैयारी में है। इसके लिए विभागीय स्तर पर बैठक भी हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो एरिया एजुकेशन ऑफीसर की नियुक्ति होने से बड़ी मात्रा में शैक्षणिक अमला मिल जाएगा।

प्राचार्यों पर हैं कई तरह के दायित्व- वर्तमान में प्राचार्यों पर शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं भरने, वेतन, छात्रों की डाटा एंट्री, योजनाओं का सत्यापन करने, निरीक्षण प्रतिवेदन, विभागीय रिपोर्ट भरने सहित कई जिम्मेदारियां होती हैं। इससे वे शिक्षकों और छात्रों पर शत-प्रतिशत फोकस नहीं कर पाते थे। इससे परीक्षा परिणाम भी प्रभावित हो रहा था। नई व्यवस्था में प्राचार्य दायित्वों से मुक्त होने से पूरा समय स्कूलों पर दे सकेंगे।

ये होंगे बदलाव
-पहली से आठवीं कक्षा तक एक सहायक संचालक
-नवमी से 12वीं कक्षा तक एक सहायक संचालक
-डीईओ का पद खत्म कर उप-संचालक बनेंगे
-डीपीसी बनेंगे सहायक संचालक
-बीआरसी और जनशिक्षक के पद होंगे समाप्त

यह होगा फायदा
-शिक्षण गुणवत्ता में होगा सुधार
-विभाग को शैक्षणिक स्टाफ होगा उपलब्ध
-प्राचार्य दोहरे, तिहरे दायित्वों से होंगे मुक्त
-संकुल केंद्रों में एरिया एजुकेशन ऑफीसर सम्भालेंगे व्यवस्था

प्राथमिक-हायर सेकेंडरी स्कूलों में 1-1 सहायक संचालक
नई व्यवस्था में अब जिल में दो सहायक संचालक पदस्थ होंगे। एक सहायक संचालक को पहली से आठवीं कक्षा तक की कमान दी जाएगी। दूसरे सहायक संचालक पर 9वीं से 12वीं कक्षा तक की शिक्षण व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी।

एईओ के लिए प्रदेशभर से अध्यापक, हेड मास्टरों ने चार साल पहले परीक्षा दी थी। हमारी मांग है कि मेरिट के आधार पर नियुक्ति की जाए या नए सिरे से परीक्षा आयोजित हो।
मनोज पांडे, प्रदेश अध्यक्ष, शासकीय अध्यापक शिक्षक संघ

स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नया सेटअप लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में एईओ की नियुक्त की जाएगी।
पीके श्रीवास्तव, सहायक संचालक शिक्षा