
arji wale hanuman ji, arji wale ganesh ji
जबलपुर. संस्कारधानी में बड़ी संख्या में प्राचीन व सिद्ध मंदिर हैं। इनमें से कुछ ऐसे अनोखे मंदिर हैं, जिनमें भक्त भगवान को अर्जी लिखकर अपना दुखड़ा बताते हैं।
160 देशों के लोग हनुमान दरबार में सुना चुके हैं दुखड़ा, न्याय के लिए लगाते हैं अर्जी
मान्यता है कि इन मंदिरों में विराजमान भगवान की प्रतिमाएं भक्तों की अर्जियों में लिखी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इन मंदिरों की ख्याति इसी से समझी जा सकती है कि 160 देशों के भक्त अपनी अर्जियां भगवान तक पहुंचा चुके हैं।
जबलपुर के ग्वारीघाट के पास अर्जी वाले हनुमानजी का मंदिर स्थित है। यहां रोज अर्जी लगाने वालों का तांता लगता है। मंदिर के पुजारी के अनुसार हनुमान के दरबार में हर वर्ग के लोग आते हैं। यहां अब तक 160 देशों के लोग अर्जियां भिजवा चुके है। मनोकामना पूरी होने पर भंडारा आदि कराते हैं। पुरोहित ने बताया कि एक बार एक डीएसपी के यहां चोरी हुई थी। चोरी का खुलासा नहीं होने पर डीएसपी यहां अर्जी लगाने आए थे। मनोकामना पूरी होने पर उन्होंने यहां पूजन भी किया था।
न्याय के लिए हनुमान की शरण
मप्र हाईकोर्ट परिसर में स्थित हनुमान मंदिर को सिद्ध स्थल माना जाता है। मान्यता है कि यहां विराजमान हनुमान लोगों को न्याय दिलाते हैं। हाईकोर्ट में जिनके केस लंबित हैं, वे अपना दुखड़ा अर्जी के रूप में लिखकर हनुमानजी के चरणों मे रख देते हैं।
मनोकामना पूरी होने पर चढ़ाते हैं सिंदूर
शहर में एक ऐसा गणेश मंदिर भी है, जहां भगवान गणेश घोड़े पर सवार हैं। यही वजह है कि यहां भगवान गणेश की पूजा कल्कि गणेश के रूप में की जाती है। शहर की रतन नगर की पहाड़ी पर स्थित सुप्तेश्वर गणेश मंदिर में भगवान की स्वयंभू प्रतिमा स्थापित है। करीब 50 फीट की ऊंचाई पर भगवान गणेश की प्रतिमा शिला स्वरूप में हैं। यहां भी भक्त मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अर्जी लगाते हैं। मनोकामना पूरी होने पर भगवान गणेश को सिंदूर चढ़ाने की परम्परा है।
Published on:
21 Jan 2023 05:37 pm

बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
