जानिए क्या है आर्टिकल 370 -
आजाद भारत में जब रियासतों को शामिल किया जा रहा था तब जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ कैसा संबंध होगा, इसको लेकर सभी में संशय था। तक तत्कालीन जम्मू कश्मीर सरकार ने स्वयं ही इसका मसौदा तैयार किया था। जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा ने 27 मई 1949 को कुछ बदलाव सहित आर्टिकल 306ए जिसे वर्तमान में आर्टिकल 370 कहा जाता है को स्वीकार कर लिया।
तत्कालीन केन्द्र सरकार ने 17 अक्टूबर, 1949 को इस आर्टिकल को भारतीय संविधान का हिस्सा बना दिया। उल्लेखनीय है कि संविधान को 26 नवंबर 1949 को स्वीकार किया गया था। जानकारों के अनुसार इंस्ट्रूमेंट्स ऑफ ऐक्सेशन ऑफ जम्मू ऐंड कश्मीर टु इंडिया की शर्तों के अनुसार, आर्टिकल 370 में यह उल्लेख किया गया कि देश की संसद को जम्मू-कश्मीर के लिए रक्षा, विदेश मामले और संचार के अलावा अन्य किसी विषय में कानून बनाने का अधिकार नहीं होगा। साथ ही, जम्मू-कश्मीर को अपना अलग संविधान बनाने की अनुमति दे दी गई थी। जिसका फायदा उठाकर अलगाववादियों ने इस स्वर्ग को नर्क बना दिया।