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#ASHA_workers : फर्जी आशा कार्यकर्ताओं को भुगतान, कब होगी जांच

#ASHA_workers : फर्जी आशा कार्यकर्ताओं को भुगतान, कब होगी जांच  

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ASHA workers on strike demanding fair wages

ASHA workers on strike demanding fair wages

जबलपुर. स्वास्थ्य विभाग में शहरी आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि के भुगतान में हेरफेर और 45 आशा कार्यकर्ताओं के नाम गायब होने के मामले में एक साल बाद भी जांच नहीं हो सकी। शहरी आशा कार्यकर्ताओं के नाम पोर्टल से गायब होने के मामले की जांच डायरेक्टर एनएचएम के पत्र के बाद नवंबर 2022 में शुरू हुई थी। प्रभार देख रही जिला स्वास्थ्य अधिकारी व शहरी आशा की नोडल अधिकारी का जबलपुर से तबादला कर दिया गया। जबकि, एपीएम सहित अन्य अभी जांच के दायरे में हैं।

सूत्र बताते हैं कि यह विभाग का बड़ा घोटाला है, जिसमें बिना काम किए ही 45 आशाओं को 2 हजार से लेकर 45 हजार रुपए तक का भुगतान कर दिया गया। जिन आशा ने जमीनी स्तर पर कार्य किया, उन्हें दो हजार रुपए ही भुगतान हुआ। यहां डाटा एंट्री का कार्य देख रहे एक सीएमआइएस ने अपनी पत्नी के खाते में 1 लाख 20 हजार रुपए का भुगतान आशा बता कर कर दिया। जबकि, वह आशा भी नहीं है। इस तरह के कई फर्जीवाड़े हुए हैं, जिनकी जांच होनी है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संचालक ने कलेक्टर को जांच व कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। पत्र लिखने के बाद कलेकटर ने जिला पंचायत सीईओ को जांच का जिम्मा दिया था। उन्होंने सभी एसडीएम को कार्रवाई के लिए भेजा। छह माह तक जांच लम्बित थी। इस बीच चुनाव के पहले कुछ अधिकारियों के तबादले हो गए और जांच दब गई। इस सम्बंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा का कहना है कि जांच संचालनालय स्तर पर जिला प्रशासन को सौंपी गई है।