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जबलपुर. ग्रह नक्षत्रों की दशा व दिशा ऋतुओं के निर्धारण में महत्वपूर्ण होती हैं। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि आर्द्रा नक्षत्र के अस्त होने से वर्षा का क्रम कमजोर हो रहा है। पंचांग के अनुसार गुरुवार की शाम 6.12 बजे पुष्य नक्षत्र लग गया है। सूर्य का भ्रमण इसी नक्षत्र में हो रहा है। 22 जुलाई के बाद झमाझम वर्षा का योग बन रहा है। 2 अगस्त से अतिवृष्टि का योग है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार कल से होगी झमाझम बारिश, दो अगस्त से अतिवृष्टि के योग
मैंडक है वाहन
ज्योतिषाचार्य जनार्दन शुक्ला ने बताया कि गुरुवार शाम से पुष्य नक्षत्र लगा है। सूर्य इसी राशि में भ्रमण कर रहे हैं। यह अच्छी वर्षा का द्योतक है। पुष्य नक्षत्र का वाहन मंडुक अर्थात मेंढक है। यह जलप्रिय जीव है। यह भी 22 जुलाई से अच्छी वर्षा का संकेत है।
स्त्री-चन्द्र योग व बुध का गोचर भी प्रभावी
ज्योतिर्विद शुक्ला के अनुसार पुष्य नक्षत्र में सूर्य के भ्रमण से स्त्री-चन्द्र योग बन रहा है। यह योग वर्षाकारक व जलप्रधान है। वहीं 25 जुलाई से बुध ग्रह कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इससे भी वर्षा के योग बढ़ेंगे।
17 अगस्त से लगेगा मघा नक्षत्र
ज्योतिष के अनुसार मघा नक्षत्र को उत्तम वर्षा का कारक माना जाता है। ज्योतिषाचार्य शुक्ला ने बताया कि मान्यतानुसार मघा के जल से ही धरती तृप्त होती है। मघा नक्षत्र में बारिश से ही उमस से राहत मिलती है। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त से मघा नक्षत्र लगेगा। अच्छी वर्षा के बावजूद इसके बाद ही उमस से छुटकारा मिलेगा। दो अगस्त को ग्रहों व नक्षत्रों की दशा के आधार पर पंचांग में अतिवर्षा का योग बन रहा है। पांच अगस्त तक यह योग रहेगा।
Published on:
21 Jul 2023 11:43 am

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