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बागेश्वर धाम प्रमुख को देखने लगी 4 किमी लंबी लाइन, 2 घंटे में चला पं. धीरेंद्र शास्त्री का काफिला

बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री को देखने के लिए करीब चार किलोमीटर तक सडक़ के दोनों और श्रद्धालुओं की लाइन लग गई.

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बागेश्वर धाम प्रमुख को देखने लगी 4 किमी लंबी लाइन, 2 घंटे में चला पं. धीरेंद्र शास्त्री का काफिला

बागेश्वर धाम प्रमुख को देखने लगी 4 किमी लंबी लाइन, 2 घंटे में चला पं. धीरेंद्र शास्त्री का काफिला

जबलपुर/पनागर. बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री को देखने के लिए करीब चार किलोमीटर तक सडक़ के दोनों और श्रद्धालुओं की लाइन लग गई, इस कारण उनका काफिला धीरे-धीरे चलता हुआ करीब २ घंटे में कथा स्थल तक पहुंच गया, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने रसोईयों के साथ ही जमीन पर बैठकर भोजन किया। वे नर्मदा किनारे भी गए, जहां उन्होंने यहां वहां पड़ी पन्नियां बीन कर डस्टबीन में डाली। कथा के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान से ही भगवान को मानने की बात कही।

दरअसल कथा स्थल के लिए आते समय पंडित धीरेंद्र शास्त्री की एक झलक देखने के लिए सडक़ के दोनों तरफ श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लग गई थी, करीब 4 किलोमीटर तक लोग खड़े थे, इस कारण उनके काफिले को भी कथा स्थल तक पहुंचने में करीब 2 घंटे का समय लगा।

श्रीमद भागवत कथा के छठवें दिन बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि राम नवमी के पावन पर्व पर हम सभी राम राज्य का संकल्प लें। हम जहां हों, वहीं राम राज्य लाने का प्रयास करें। ऐसा राम जी की जीवन शैली से सीख लेकर हो सकता है। पनागर में हो रही कथा में उन्होंने आगे कहा कि जहां राम हैं, वहीं आदर्श है।

धीरेंद्र शास्त्री नर्मदा तट पहुंचे, किया स्नान

गुरुवार सुबह धीरेंद्र शास्त्री नर्मदा तट पहुंचे। उन्होंने मां रेवा का पूजन-अर्चन किया। घाट किनारे पड़ी कुछ पन्नियां बीन कर उन्होंने डस्टबीन में डाली। इस दौरान एक मंत्र पढ़ कर उन्होंने कपड़े पहने ही नर्मदा में छलांग लगा दी। थोड़ी दूर तैरने के बाद वे वापस आ गए। वहां मौजूद भक्तों से उन्होंने कहा कि कर्म ऐसे हों कि मां की कृपा बनी रहे।

रुकमणि विवाह

रुकमणि विवाह का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि हर मन, हर आत्मा चाहती है कि उसका मिलन परम पिता परमात्मा से हो जाए। रुकमणि के मन की भी यही दशा थी। रुकमणिजी ने पूरे मनोयोग से नंदनंदन को मांगा, फलत: भगवान दौड़े आए । हम सबको भी भगवान से भगवान को ही मांगना चाहिए।

मन को राम से जोड़ें

कथाव्यास ने कहा कि राम-कृष्ण दोनों एक हैं। राम शब्द ही ऐसा है, जो अपने आप में सारे संसार को समेटे हुए है। उस नाम में लोग आदर्श राज्य व्यवस्था देखते हैं। कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू और हरसिमर सिंह ने मुलाकात की। उन्हें सरोपा एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया।

प्रतिदिन करीब 90 कुंटल आटा की पूरी

कथा में अन्नपूर्णा की सेवा सुबह 9.00 से रात्रि 12 बजे तक जारी है। इसमें प्रतिदिन करीब 90 कुंटल आटा की पूरी, 60 से 70 क्विंटल चावल की खिचड़ी खीर और चावल पकाया जा रहा है। 500 क्विंटल की सब्जियां बन रही है।

4 किमी तक सड़क के दोनों ओर भक्तों की हजारों की संख्या में भीड़

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की एक झलक पाने के लिए 4 किमी तक सड़क के दोनों ओर भक्तों की हजारों की संख्या में भीड़ खड़ी रही। काफिला काफिला इतना धीमे चला की कथा स्थल पर पहुंचने में 2 घंटे का समय लगा।

ईको फ्रेंडली रसोई

रसोई में प्लास्टिक या सिंगल यूज थर्माकोल किसी भी प्रकार के अपशिष्ट उपयोग नहीं किया जा रहा है। बल्कि दोना पत्तल का उपयोग हो रहा है। इसके अलावा चूल्हे में देसी तरीकों से सब्जी दाल चावल पकाया जा रहा है।

रेलिंग पर नारियल

श्रद्धालुओं ने अपनी अर्जी लगाने और मन्नत ओं को पूर्ण करने के उद्देश्य से पंडाल के चारों तरफ लगी रेलिंग में हजारों की संख्या में नारियल और उनके साथ पर्चियां बांधी हैं। रोजाना 1000 नारियल बांधे और छोड़े जा रहे हैं।

रसोइयों के साथ भंडारा

धीरेंद्र शास्त्री ने बुधवार की रात ढाई बजे भोजनशाला जाने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने जमीन पर बैठकर सेवाधारियों के साथ भंडारा का आनंद लिया।

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