
baglamukhi jayanti 2023
जबलपुर. मां शत्रु हंता, पीताम्बरा और बगुलामुखी के नाम से प्रसिद्ध देवी का प्राकट्य उत्सव 28 अप्रैल को धूमधाम से मनाई जाएगी। मां बगुलामुखी की जयंती के अवसर पर पूरे दिन विशेष पूजन अनुष्ठान होंगे। इन्हें दुश्मनों से रक्षा करने वाली देवी के रूप में भी जाना जाता है। इनके बीज मंत्र का निरंतर जाप करने से दुश्मनों की छाया या कुदृष्टि नहीं पड़ती है।
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाई जाएंगी जयंती, पूरे दिन होंगे पूजन विधान
शास्त्रों में उल्लेख, साधक की करती हैं रक्षा
मां बगुलामुखी मंदिर शंकराचार्य पीठ के प्रमुख ब्रह्मचारी चैतन्यानंद महाराज के अनुसार शास्त्रों में उल्लेखित है कि जो भक्त या साधक देवी बगलामुखी की पूजा करते हैं, वे अपने शत्रुओं पर सम्पूर्ण नियंत्रण पा कर उनसे छुटकारा पा लेते हैं।
देवी व्यक्ति को उसकी भावनाओं और व्यवहार पर नियंत्रण की भावना भी प्रदान करती है अर्थात क्रोध, मन के आवेग, जीभ और खाने की आदतों को नियंत्रित करती हैं। आत्म-साक्षात्कार और योग की प्रक्रिया में, इस तरह के नियंत्रण की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। ऐसी मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से देवी की आराधना करता है, वह प्रभुत्व, वर्चस्व और शक्ति से परिपूर्ण हो जाता है।
वैशाख माह की अष्टमी तिथि के दिन जयंती
ब्रह्मचारी चैतन्यानंद महाराज ने बताया मां बगुलामुखी की जयंती प्रत्येक वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन मनाई जाती है। सिविक सेंटर स्थित मंदिर में इस दिन सुबह मां का विशेष अभिषेक, पीताम्बरा श्रृंगार, दोपहर में सहस्त्रार्चन, मंत्र जाप आदि विधान के बाद शाम को महाआरती होगी। माता को विशेष भोग भी अर्पित किए जाएंगे।
राजनेताओं की प्रिय हैं देवी
मां बगुलामुखी के भक्तों में सबसे ज्यादा राजनेताओं की संख्या है। राजनीतिक द्वेष, दुश्मनी व अन्य कारणों से राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय लोग इनका पूजन अर्चन और अनुष्ठान करते हैं।
Published on:
26 Apr 2023 02:49 pm
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