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हिस्ट्रीशीटर रज्जाक के भाई अब्बास और भतीजे शहबाज के बैंक खाते सीज

- पुलिस के पत्र के बाद बैंक ने की कार्रवाई

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जबलपुर. देशी और विदेशी हथियारों के साथ गिरफ्तार नया मोहल्ला रिपटा निवासी हिस्ट्रीशीटर रज्जाक के भाई पांच हजार रुपए का इनामी अब्बास और भतीजे शहबाज के बैंक खाते सीज कर दिए गए। एसआइटी के निर्देश पर बैंक प्रबंधन ने यह कार्रवाई की। अब उक्त दोनों बैंक खातों से किसी भी प्रकार का लेनदेन नहीं हो सकेगा। एसआइटी ने दोनों बैंकों से खातों के के ट्रांजेक्शन की भी जानकारी मांगी है। दो बैंक खातों को सीज करने के बाद एसआइटी अब रज्जाक और उसके परिवार के अन्य बैंक खातों को भी सीज करने की तैयारी में है।
एक खाता फर्म के नाम
एसआइटी के अनुसार रज्जाक और उसके भाई अब्बास समेत अन्य ने एक फर्म के नाम से यूनियन बैंक में खाता खोला था। अब्बास ओमती में दर्ज आपराधिक प्रकरण के मामले में फरार है, इसलिए उस खाते को सीज किया गया।
इस मामले में फरार है अब्बास
27 अगस्त को रज्जाक को कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस ले गई थी, तब अब्बास समेत एहजाफ, रियाज, महमूद, सज्जाद, कमरूल इबाद, मोहम्मद वसीम, मोहम्मद बिलाल, मोहम्मद तौसीफ, अब्दुल सईद उर्फ शेखू, अब्दुल मजीद उर्फ करिया, माजिद उर्फ मूसा समेत अन्य ने उपद्रव मचाया था। यह सारा घटनाक्रम रज्जााक के बेटे सरताज के इशारे पर हुआ था। उक्त मामले में ओमती थाने में उक्त आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। उक्त आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपए के इनाम की घोषणा एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने की थी।
सुप्रा डायग्नोस का खाता भी सीज
एसआइटी के अनुसार रज्जाक का भतीजा मालवीय चौक पर सुप्रा डायग्नोस सेंटर चलाता है। सुप्रा का भी बैंक खाता सीज कर दिया गया है। यह बैंक खाता भी यूनियन बैंक में है। इसे अब्बास चलाता था। एसआइटी को जानकारी मिली है कि ब्लैक मनी इन्हीं खातों के माध्यम से वॉइट की जाती थी।
सरताज के नाम पर अधिकतर प्रॉपर्टी
एसआइटी ने हाल ही में रज्जाक और उसके परिजन के नाम पर रजिस्टर्ड कई चल और अचल सम्पत्तियों की जांच की, जिसमें पता चला कि अधिकतर सम्पत्ति सरताज के नाम पर है। एसआइटी उक्त संपत्तियों की सूची बना रही है। सरताज की गिरफ्तारी नहीं होती, तो उक्त सम्पत्तियों को राजसात करने किया जाएगी।