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आईटी पार्क में अनदेखी का ग्रहण, हजारों युवाओं का सपना अधूरा

आईटी पार्क में अनदेखी का ग्रहण, हजारों युवाओं का सपना अधूरा  

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Jabalpur IT Park

आईटी पार्क

जबलपुर. बरगी हिल्स आइटी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में औद्योगिकीकरण की रफ्तार धीमी पड़ गई है। 63 एकड़ में फैले पार्क में कई प्लॉट खाली हैं। निवेशक भी उत्सुकता नहीं दिखा रहे। उनकी समस्याओं का निराकरण आसानी से नहीं होता। पार्क परिसर में एमपीएसईडीसी का कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं है।

बरगी हिल्स आइटी पार्क : एमपीएसईडीसी भी नहीं दे रहा ध्यान
उद्योगपतियों की आनाकानी, जिम्मेदारों की अनदेखी, आइटी पार्क को इंडस्ट्री का इंतजार

जिस रफ्तार से फेज-1 में अधोसंरचना सम्बंधी विकास कार्य हुए, उसकी अपेक्षा इंडस्ट्री स्थापित नहीं हुईं। अभी 15 इंडस्ट्री लगी हैं। उनमें सभी चालू नहीं हुईं। 30 उद्योग स्थापनाधीन हैं। कुछ इंडस्ट्रीयल प्लॉट तो ऐसे हैं जिनमें ईंट का एक पत्थर भी नहीं लगा। कुछ माह पहले क्लस्टर में चार इंडस्ट्री के भूखंडों का आवंटन निरस्त कर दिया गया था। आइटी पार्क में टेक्नोपार्क से लगी भूमि में इंडस्ट्रीयल एरिया है। पहले यहां भारी चट्टानें और गहराई वाले स्थान थे। उन्हें ठीक कर लिया गया है। फिर भी इंडस्ट्री की स्थापना में देरी हो रही है। पूर्व में जिन निवेशकों ने काम चालू किया था, उन्हीं में उत्पादन हो रहा है।

फेज-2 में एक भी इंडस्ट्री नहीं
मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कारपोरेशन ने फेज-1 के अलावा फेज-2 का निर्माण कराया है। 20 एकड़ में सड़क और नाली का काम हो चुका है। लेकिन, दो इंडस्ट्री को छोड़कर बाकी जगह काम नहीं हुआ। बीच में आइटी पार्क के निवेशकों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं डिजाइन पर आपत्ति जताई थी। ऐसे में सड़क का एक बड़ा हिस्सा तोड़कर फिर से बनाया गया। दोनों फेज के बीच स्मार्ट सड़क बन रही है।

कार्यालय खाली, दुकानों में श्रमिक
आइटी पार्क में एमपीएसईडीसी का कार्यालय और लैब की बिल्डिंग खाली है। यही हालत दुकानों की है। कार्यालय में स्टाफ नहीं है। इंडस्ट्री नहीं लगने के कारण लैब भी स्थापित नहीं हो पा रही है। ऐसे में इमारत अनुपयोगी है। आइटी पार्क में सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए पांच मंजिला टेक्नापार्क बिल्डिंग बनी है। वर्तमान में यहां 10 कंपनियां काम कर रही हैं। इनमें 800 लोगों को रोजगार मिला है। ऐसी ही दूसरी बिल्डिंग बगल में बन रही है।

आइटी पार्क में सभी भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। निवेशकों को इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। देरी करने वालों को पत्र भेजा जा रहा है। इसके बाद आवंटन निरस्त किया जाएगा।
- राजेंद्र राय, प्रबंधक, आइटी पार्क

निवेशकों की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता। इंडस्ट्री की स्थापना में कई समस्याएं आ रही है। एमपीएसईडीसी को इस पर ध्यान देन चाहिए। फेज-2 में गुणवत्ताहीन सड़कों का निर्माण किया गया है।
- डीआर जेसवानी, संरक्षक जबलपुर आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क एसो.

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