माइक्रोबायोलॉजी के विशेषज्ञों के अनुसार कम तापमान और आद्र्रता के बीच वायरस ज्यादा समय तक एक्टिव रहता है।
जबलपुर। कोरोना संक्रमण के दौर में गर्मी के सीजन में एसी बस, टे्रन में सफर करना या ऑफिस में रहना जोखिमपूर्ण है। रूम में एसी का लेवल 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक होना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार कम तापमान और आद्र्रता के बीच वायरस ज्यादा समय तक एक्टिव रहता है। एसी कोच में यात्रा या एसी ऑफिस में कार्य करने पर एयर सर्कुलेशन से कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका है। कोविड-19 वायरस कितने तापमान में सक्रिय रहेगा और कितने तापमान में मृत होगा। ऐसे निष्कर्षों तक पहुंचने में वैज्ञानिकों को कुछ और समय लगेगा।
एसी बसों पर उठे सवाल
कोरोना संक्रमण के दौर में पंजाब एवं राजस्थान में प्रवासियों को लाने के लिए एसी बसें भेजने की सूचनाएं आ रही हैं। अगर इन बसों में एसी का प्रयोग किया जाता है तो नुकसानदायक साबित हो सकता है।
मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट की हेड डॉ. रीति सेठ के अनुसार कोविड-19 कोरोना वायरस के नेचर पर स्टडी हो रही है। एसी एरिया में वायरस को ज्यादा समय तक एक्टिव रहने का अनुमान है। सबसे जोखिमपूर्ण एयर सर्कुलेशन का है। माना जाता है कि ड्राई पर वायरस मृत हो जाता है। रिसर्च के बाद ही वायरस को डेड या ग्रो करने के निश्चित तापमान बताया जा सकता है।
कोरोना वायरस पर स्टडी हो रही है। फिलहाल विदेशों के मेडिकल जर्नल्स में कोविड-19 के लिहाज से तापमान के बारे में क्लीयर रिपोर्ट नहीं आई है। एसी कोच या ऑफिस में कई परिवारों के लोग होंगे तो संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है।
डॉ. अंजू नायक, डिपार्टमेंट ऑफ वेटरनरी माइक्रोबायोलॉजी, वीयू