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15 साल की उम्र में हो गया क्रूर और शातिर, बच्चे को बेरहमी से मार डाला, बचने के लिए साजिश भी रच ली

जबलपुर में सनसनीखेज अंदाज में एक किशोर ने 10 साल के बालक की हत्या की  

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जबलपुर। नृशंस हत्या का सिलसिला जबलपुर में थम नहीं रहा है। रविवार को बेलखेड़ा के जुगपुरा में पांच वर्षीय राजा की हत्या भी नृशंस तरीके से की गई। कारण भी इतना संवेदनशील है कि आस-पास वाले सन्न रह गए। हत्या के आरोपी किशोर ने पुलिस और गांव के लोगों को गुमराह करने के लिए खुद के अपहरण तक की कहानी रच डाली। सात मार्च को पूछताछ करने के लिए बेलखेड़ा थाना प्रभारी सुजीत श्रीवास्तव और उनकी टीम जुगपुरा गांव पहुंची, तो किशोर ने घर से रस्सी काटी और नर्मदा किनारे पहुंच गया। वहां उसने खुद के मुंह में कपड़ा भरा और रस्सी से हाथ पैर बांध लिए। कुछ देर बाद वहां से निकले ग्रामीणों को उसने बताया कि लोग उसका अपहरण करके ले जा रहे थे। पुलिस मौके पर पहुंची, तो पुलिस को किशोर पर संदेह हो गया था। जुगपुरा निवासी राजा तीसरी का छात्र था। वह पांच मार्च की रात संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। पूरी रात परिजन ने तलाशा, लेकिन उसका पता नहीं चला, तो राजा का पिता रामदास मल्लाह बेलखेड़ा थाने पहुंचा। पुलिस ने रामदास की रिपोर्ट पर अज्ञात पर प्रलोभन देकर अपहरण का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

ग्रामीण एएसपी शिवेश सिंह बघेल ने बताया कि पावला गांव निवासी राजा मल्लाह के परिवार की एक किशोरी से आरोपी किशोर की दोस्ती थी। 28 फरवरी को राजा ने दोनों को एक साथ देख लिया था। राजा ने मां को यह बताने की बात कही, तो किशोर ने उसे रोका। इस पर राजा किशोर से रुपए और खेलने के लिए मोबाइल मांगने लगा। पांच मार्च को भी किशोर और किशोरी को राजा ने एक साथ देखा, तो किशोर से पांच सौ रुपए मांगे। किसी को कुछ पता न चले, इसलिए किशोर ने राजा की हत्या का साजिश रची। रात में गांव की लाइट गुल हुई, तो मौका पाकर किशोर राजा को अपने साथ नर्मदा के घाट पर ले गया। वहां सिर पर लाठी से वार कर राजा को मौत के घाट उतार दिया। लाश नाव में रखकर बीच धार में फेंककर भाग निकला।

पुलिस ने राजा के परिवार की किशोरी के कॉल रिकॉर्ड चैक किए, तो किशोर और उसकी फोन पर लम्बी बातें होने के बारे में पता चला। पुलिस ने किशोर से पूछताछ की, तो उसने वारदात को अंजाम देने की बात कबूली। किशोर ने फिल्में देखकर वारदात को अंजाम दिया। किसी को शक न हो, इसलिए वह लगातार ग्रामीणों के साथ राजा को तलाशने का नाटक भी करता रहा। पुलिस द्वारा तीन दिन से एनडीआरएफ की टीम के साथ नदी में राजा के शव की तलाश की जा रही थी।

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