जबलपुर

दुनिया में उत्कृष्ट बांसों के उत्पादन में जबलपुर होगा शुमार

वल्र्ड बैम्बू कांग्रेस का दावा : चीन स्थित संग्रहालय में गौंडवाना में बांसों की उत्पत्ति को लेकर उल्लेख -राष्ट्रीय बांस मिशन में जबलपुर, भोपाल और इंदौर किए गए हैं चिह्नित  

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Aug 18, 2018
Best bamboo in Jabalpur

प्रभाकर मिश्रा. जबलपुर.
लकड़ी की बढ़ती मांग और पेड़ों की कटाई से पूरी दुनिया में ङ्क्षचता के बीच विकल्प के तौर पर बांस के उपयोग को लेकर दिए जा रहे जोर में जबलपुर की अपनी खास पहचान बनने जा रही है। वल्र्ड बैम्बू कांग्रेस का दावा है कि गौंडवाना क्षेत्र के बांस दुनिया में बेहतरीन गुणवत्ता वाले माने जाते हैं। इतना ही नहीं, यह भी दावा किया गया है कि चीन के यूनान राज्य में स्थित बांसों के संग्रहालय में गौंडवाना राज्य के बांसों का उल्लेख है। बैम्बू हब बनाने के लिए जबलपुर समेत भोपाल और इंदौर को राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत चिह्नित किया गया है।

चीन के बाद भारत बड़ा उत्पादक देश :

जलवायु परिवर्तन पर पैरिस समझौते के अनुसार 2020 से हर साल 33 प्रतिशत तक पेड़ों की लकड़ी काटना कम किया जाना है। ऐसे में इसके विकल्प के तौर पर बांस का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। चीन के बाद भारत बांस का दूसरा बड़ा उत्पादक देश है। भारत के बांसों की गुणवत्ता बेहतर होने की वजह से दक्षिण अफ्रीकी देशों में यहां के बांसों की मांग ज्यादा है।
टिम्बर श्रेणी में नहीं होने से मिलेगा लाभ :

विशेषज्ञों का कहना है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा करने के लिए बांस को घास की श्रेणी में लाकर अच्छी पहल की है। नई व्यवस्था के तहत बांस अब टिम्बर की श्रेणी में नहीं आता है, इसलिए इसकी कटाई या परिवहन के लिए वन विभाग से अनुमति नहीं लेनी पड़ेगी। किसान बांस का उत्पादन कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। 40 साल पहले तक जबलपुर बांस का बड़ा उत्पादक क्षेत्र रहा है। यहां से प्रदेशभर में बांसों की आपूर्ति की जाती रही है।
चार साल में मिलेगा अच्छा उत्पादन :

बांस की अच्छी गुणवत्ता के राइजोम और पौधे रोपे जाएं तो चार साल में अच्छा उत्पादन मिलने लगेगा। निजी क्षेत्र में देवरी, बचनिया और तिलवाराघाट के आस-पास बड़े पैमाने पर बांस का उत्पादन होता है। वन विभाग को सही कार्ययोजना बनाकर काम करना होगा।
एबी मिश्रा, पर्यावरण विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त रेंजर

मिल सकती है नई पहचान :

चीन के यूनान राज्य में स्थित संग्रहालय में गौंडवाना राज्य में बांसों की उत्पत्ति को लेकर उल्लेख है। राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत बैम्बू हब बनाने के लिए जबलपुर का चयन किया गया है। पहले भी यहां अच्छी गुणवत्ता का बांस होता था। फिर से बांस का उत्पादन बढ़ाकर क्षेत्र को नई पहचान दिलाई जा सकती है।
सुभाष भाटिया, भारतीय प्रतिनिधिमंडल सदस्य, वल्र्ड बैम्बू कांग्रेस

Published on:
18 Aug 2018 06:00 am
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