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एमपी का यह शहर बना निवेशकों की पहली पसंद, धड़ाधड़ शुरू कर रहे इंडस्ट्री

24 हेक्टेयर जमीन आवंटित, 450 करोड़ रुपए का निवेश आएगा  

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Land will be allotted on a lease of 99 years for Technology Center in Richhai Industrial Area.

जबलपुर । जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में अब निवेशकों का रुझान बढ़ा है। इस वित्तीय वर्ष की शुरूआत से अब तक 24 हेक्टेयर जमीन अलग-अलग प्रकार के उद्योगों के लिए आवंटित की गई है। इनमें 450 करोड़ का निवेश आएगा। बीते दो साल में इस अवधि में यह सबसे ज्यादा आवंटन है। औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित होने वाले ज्यादातर उद्योग फूड प्रोसेसिंग से जुडे़ हैं।

निवेश के मामले में जबलपुर उद्यमियों के लिए पसंदीदा जगह बनता जा रहा है। उद्योगों के लिए जो सुविधाएं हैं, आमतौर पर वे दूसरी जगह कम मिलती हैं। यहां बिजली और पानी भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। वहीं सस्ता श्रम और औद्योगिक शांति भी है। इसलिए पहले की तुलना में ज्यादा निवेशक यहां आए हैं। अभी औद्योगिक क्षेत्र उमरिया-डुंगरिया और मनेरी में बड़ा निवेश हो रहा है। स्थापित होने वाले सभी छोटे एवं बडे़ उद्योगों में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

इन उद्यमियों की संख्या ज्यादा
खाद्य पदार्थ बनाने वाले उद्यमियों की संख्या ज्यादा है। इसमें राइस मिल, जूस, कोल्ड ड्रिंक जैसी इकाइयां स्थापित होंगी। इसी प्रकार खनिज, पाइप जैसी इकाइयों में भी लोगों को रोजगार मिलेगा। खास बात यह है कि बीते दो साल में निवेश की जो गति थी, उसमें बड़ा सुधार आया है। निवेशक औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंडों की बुकिंग कर रहे हैं। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्र के बाहर भी निवेश बढ़ा है। उद्योगपति निजी जमीन खरीदकर उन जगहों पर अपनी इंडस्ट्री लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

उमरिया-डुंगरिया में ज्यादा
मध्यप्रदेश इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कारपोरेशन के अंतर्गत उमरिया-डुंगरिया औद्योगिक क्षेत्र में इस साल ज्यादा निवेश आया है। यहां 13 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 19 उद्यमियों ने निवेश किया है। इन उद्योगों में 271 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। वहीं 450 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल सकेगा। मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में 12 उद्यमियों ने हाल में निवेश किया है। वे 11 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्योग लगा रहे हैं। इनमें 500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है। वहीं हरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में भी 25 हेक्टेयर से ज्यादा जगह पर एथनाॅल बनाने वाली कंपनियां निवेश कर रही हैं।

इन क्षेत्रों में नहीं जगह खाली
इधर शहर में िस्थत औद्योगिक क्षेत्रों में नए उद्योगों के लिए जगह नहीं है। वे पूरे भरे हुए हैं। अधारताल और रिछाई औद्योगिक क्षेत्र में 450 से अधिक इंडस्ट्री स्थापित हैं, अब यहां जगह खाली नहीं है। इसलिए जितने नए निवेशक हैं, वे उमरिया-डुंगरिया, हरगढ़ और मनेरी औद्योगिक क्षेत्रों में जा रहे हैं।