
sabse accha pop corn kaha milta hai
जबलपुर। देश को ऐसे ही कृषि प्रधान नहीं कहा जाता है। यहां की उत्पादन क्षमता के साथ साथ गुणवत्ता पूर्ण अनाज की दुनिया दीवानी है। साथ में कृषि वैज्ञानिक भी इस ओर जी जान ेसे इस गुणवत्ता व पहचान को बनाए रखने के लिए हमेशा प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में जबलपुर स्थित जवाहर लाल नेहरू कृषि विवि के वैज्ञानिकों ने ऐसी ही दो नई किस्में तैयार की हैं जो किसानों के लिए लाभदायी होने के साथ ही कीटरोधी भी होंगे।
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कृषि विवि के वैज्ञानिकों को मिली सफलता
मक्का और अरंडी की दो नई प्रजातियां विकसित
कीट रोधी होने के साथ उत्पादकता बढ़ाने में कारगार
कृषि विवि के वैज्ञानिकों को दो बड़ी सफलता मिली है। इन्होंने अरंडी और मक्का की दो नई उन्नत प्रजातियां विकसित की हैं। ये प्रजातियां उत्पादन बढ़ाने में कारगार साबित होंगी, वहीं इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होगी। इन प्रजातियों में अरंडी जवाहर केस्टर-4 अरंडी जवाहर केस्टर-24 और जवाहर मक्का-218 एवं पूसा जवाहर संकर मक्का-१ नाम दिया गया है। इस पर विवि प्रबंधन ने भी टीम को बधाई दी है। कुलपति डॉ. पीके बिसेन ने बताया कि इन प्रजातियों को डॉ.वीके पराडक़र और उनकी टीम ने विकसित किया है। संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. धीरेंद्र खरे ने कहा आगे इस तरह के प्रयोग निरंतर चलते रहेंगे।
जवाहर मक्का-
218 प्रजाति 94 दिन में तैयार होने में सक्षम है। यह प्रजाति प्रदेश की सघनता बढ़ाने में उपयोगी मानी गई है। मक्का-1 प्रजाति 95 दिन में तैयार होगी तो वहीं रोग व्याधि से निपटने में भी कारगार है। ऐसा कहा जा रहा है कि यह मक्का पॉपकॉर्न के लिए सबसे अच्छा है। इसकी पौष्टिकता के आगे कई प्रजातियां फेल हैं।
कई खूबियों से युक्त
अरंडी जवाहर केस्टर-चार प्रजाति रबी में सिंचित अवस्था में अच्छा उत्पादन करने में सक्षम है, यह मप्र के लिए उपयुक्त पाई गई है। यह प्रजाति 210 दिन में तैयार होगी। जबकि केस्टर-24 प्रजाति 180 दिन में तैयार होगी। रबी में सिंचित अवस्था में अच्छा उत्पादन करने में सक्षम है।
Published on:
27 Jun 2018 12:41 pm
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