अजय खरे। महाभारत के पांच पांडवों और द्रोपदी का बुंदेलखंड से गहरा रिश्ता रहा है। कहा जाता है कि उन्होंने अपने अज्ञातवास का कुछ समय इस क्षेत्र में बिताया था। जिस जगह उनके रहने के प्रमाण मिलते हैं वह छतरपुर जिले में भीमकुंड के नाम से जाना जाता है। यह जिला मुख्यालय छतरपुर से करीब 80 किमी दूर सघन वनों के बीच बाजना कस्बा के पास है। पर्यटन प्रेमियों के लिए यह एक रमणीक जबकि इतिहास और प्रकृति पर शोध करने वालों के लिए यह रहस्मयी स्थान है।