
कर्नाटक चुनाव क्यों हारे BJP कर रही है मंथन
जबलपुर. पुलिस को पता न चले, इसलिए गोलीबाज भाजपा नेता और बिल्डर प्रियांश विश्वकर्मा ने अस्पताल वालों से सेटिंग कर ली थी। शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे वह घायल युवती को दमोहनाका के अस्पताल में छोड़कर भाग निकला था। यह खुलासा फायरिंग में घायल वेदिका ने एफआइआर में किया। पुलिस ने वेदिका के बयानों के आधार पर ही एफआइआर दर्ज की है। प्रियांश समेत उसके ऑफिस में काम करने वाले दो कर्मचारी फरार हैं। रविवार को वेदिका का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह फायरिंग की बात बता रही है।
#FiringCase एफआइआर में घायल युवती ने दर्ज कराई है शिकायत
युवा मोर्चा के महत्वपूर्ण पद पर था
प्रियांश विश्वकर्मा भाजयुमो के रानी दुर्गावती मंडल में महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर रह चुका है। उसे कई बार भाजपा के बड़े नेताओ के साथ भी देखा गया है। हालांकि, भाजपा नेता उसके सक्रिय सदस्य न होने की बात कहते हुए मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। वेदिका ने एफआइआर में लिखाया है कि वह एमबीए की छात्रा है। शुक्रवार दोपहर एक बजे अपना मोबाइल फोन बेचने के लिए प्रियांश के ऑफिस गई थी। वहां सोफे पर बैठी थी। तभी प्रियांश ने टेबल पर रखी पिस्टल लोड की फायर कर दिया। गोली लगने के कारण वह बेहोश हो गई। तब प्रियांश उसे स्मार्ट सिटी अस्पताल ले गया। वहां पांच बजे तक रखा गया। इस दौरान प्रियांश ने डॉक्टर्स से कहा कि पुलिस को इस घटना के बारे में नहीं बताना है।
साक्ष्य छिपाने की धाराएं
पुलिस ने प्रियांश विश्वकर्मा पर गैर इरादतन हत्या के प्रयास समेत साक्ष्य छिपाने और आर्म्स एक्ट की धाराओं का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार जिस वक्त प्रियांश के मडफैया के लीला ग्रुप ऑफ बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के ऑफिस में यह वारदात हुई, उस वक्त वहां काम करने वाले दो कर्मचारी भी मौजूद थे। वारदात के बाद से पुलिस उन दोनों को भी तलाश रही है।
Published on:
19 Jun 2023 11:21 am
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