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#BJPJanAshirvadYatra भाजपा का फोकस आदिवासी सीटों पर, जनआशीर्वाद यात्रा से रिझाएगी

#BJPJanAshirvadYatra भाजपा का फोकस आदिवासी सीटों पर, जनआशीर्वाद यात्रा से रिझाएगी  

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#BJP Jan Ashirwad Yatra

जबलपुर. भाजपा की जनआशीर्वाद यात्रा जबलपुर जिले में दो चरणों में भ्रमण करेगी। पहले चरण में जबलपुर ग्रामीण की चारों सीट पर यह यात्रा पहुंचेगी, वहीं दूसरे चरण में शहर भ्रमण होगा। 5 से 21 सितम्बर के बीच यह यात्रा महाकोशल भर ही नहीं बल्कि बुंदेलखंड के कई इलाकों का भी फेरा लगाया गया है। जिसकी पार्टी स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।

पहले चरण में जबलपुर ग्रामीण, फिर शहर भ्रमण
दो चरणों में जबलपुर आएगी जनआशीर्वाद यात्रा
महाकोशल की जनआशीर्वाद रथयात्रा 5 को मंडला से होगी शुरू

भाजपा का फोकस आदिवासी सीटों पर है, इसलिए यात्रा की शुरूआत मंडला से होने जा रही है। 5 सितम्बर को शहीद शंकर शाह व लाल शाह की जन्मस्थली राजेश्वरी किला से शुभारंभ होगा। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी तक अधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है। डिंडोरी जिले से होकर यात्रा 7 सितंबर को पनागर और सिहोरा विधानसभा क्षेत्र से जबलपुर में प्रवेश करेगी। कई गांवों का भ्रमण करते हुए आठ सितम्बर को पाटन, पनागर विधानसभा होते हुए बरगी के लिए रवाना हो जाएगी। वहां से सिवनी जिले में प्रवेश करेगी।

20 को शहर आएगी

भाजपा द्वारा जन आशीर्वाद यात्रा के लिए जारी किए गए शिड्यूल के अनुसार 20 सितम्बर को यह दोबारा जबलपुर जिले में आएगी। इससे पहले 16 सितम्बर को यह नरसिंहपुर जिले की विधानसभा सीटों का भ्रमण करेगी। 21 सितम्बर को जबलपुर शहर की चारों विधानसभा सीटों का फेरा लगाकर यात्रा भोपाल के लिए रवाना हो जाएगी।

हर जिले के लिए बनाए संयोजक

महाकोशल की यात्रा का संयोजक नर्मदापुरम सांसद राव उदयप्रताप सिंह को बनाया गया है। वहीं, हर जिले के लिए अलग से नेताओं को जिम्मेदारी देते हुए संयोजक और सह संयोजक नियुक्त किया गया है। जो यात्रा के रूट और इसमें शामिल लोगों के विश्राम सहित अन्य व्यवस्थाएं करेंगे। इसमें कटनी को शामिल नहीं किया गया है, यहां विंध्य से आने वाली रथयात्रा भ्रमण करेगी।

फर्जी सूची पर संगठन की चुप्पी

भाजपा में चुनाव को लेकर चल रही व्यापक तैयारी और आयोजनों के बीच फर्जी सूची वायरल किए जाने का मामला सामने आया था। लेकिन इस पर संगठन ने चुप्पी साध ली है। किसी तरह की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। दरअसल 39 उम्मीदवारों की जो पहली सूची भाजपा ने जारी की थी, उसी में छेड़छाड़ कर शहर की हारी तीनों सीटों में नए प्रत्याशियों के नाम जोड़ दिए गए थे। हद तो यह कि पूर्व विधानसभा सीट से अंचल सोनकर का नाम पहले ही तय हो चुका है, उनका भी नाम बदल दिया गया था। बताया गया है कि यह शरारत भाजपा के भीतर से ही हुई थी। इसलिए संगठन ने फर्जी बताकर चुप्पी साध ली।