
Mukesh Khanna
जबलपुर. व्यक्ति के दो किरदार होते हैं। हर किसी में एक शक्तिमान और दूसरा गंगाधर होता है। शक्तिमान इंसान को तभी बनना चाहिए, जब वे न्याय के साथ खड़े हो। यह बात फिल्म अभिनेता मुकेश खन्ना ने बातचीत के दौरान कही। वे संस्कारधानी में फिल्म शूटिंग के लिए आए हैं। उनके साथ कोरियोग्राफर और अभिनेता गणेश आचार्य भी शहर आए हुए हैं।
ग्रंथों को सिर्फ पढ़ें नहीं, आत्मसात करें
उन्होंने कहा कि मानव मूल्यों को समझने और सनातन परम्परा के पालन के लिए युवा पीढ़ी का सिर्फ धार्मिक ग्रंथ पढ़ना जरूरी नहीं, बल्कि इसे आत्मसात करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ज्ञान हमें स्वतंत्रता तो देता है लेकिन उसके उद्देश्य की पूर्ति तब होती है जब हम उसे आत्मसात करें।
जीवन का लक्ष्य हो समाज सेवा
अभिनेता मुकेश खन्ना ने कहा कि मानव जीवन का लक्ष्य समाज सेवा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में धर्म और समाज के ठेकेदार जादू जैसे चमत्कार दिखाकर लोगों को जोड़ रहे हैं। यह मानव सेवा नहीं है, क्योंकि इसके बदले उनके रुपए भी लिए जाते हैं। अंधविश्वास को बढ़ावा ना देते हुए सिर्फ समाज सरोकार पर लोगों को ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। इससे समाज में रोजाना बदलाव होंगे।
योग और ध्यान ईश्वर से संवाद
अभिनेता मुकेश खन्ना ने कहा कि ईश्वर से सीधे साक्षात्कार और संबंध बनाने के लिए योग और ध्यान जरूरी है। उन्होंने कहा कि शक्तिमान में यही दिखाया गया है कि सामान्य सा पुरुष गंगाधर भी अपने प्रकाश चक्र (कुंडलिनी) को जागृत कर अपनी आत्मा की शक्ति को इतना बढ़ता है कि, उसके पास अलौकिक शक्तियां आ जाती है। इसका उपयोग वह मानव सेवा और मानव जीवन की सुरक्षा के लिए करता है।
Published on:
19 Feb 2024 01:25 pm
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