
Cases of heart attack
जबलपुर. शहर में ठंड बढ़ने के साथ ब्रेन स्ट्रोक, दिमाग की नस फटने और हार्ट अटैक के मामले बढ़ गए हैं। मेडिकल अस्पताल, जिला अस्पताल और शहर के अन्य अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ठंड के सीजन में रक्त वाहनियां सिकुड़ जाती हैं। पानी कम पीने, शारीरिक गतिविधि नहीं होने और बीपी बढ़ने से समस्या बढ़ जाती है। इसके साथ ही डायबिटीज, थायराइड से लेकर अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज, ऐसे मरीज जिनका बेड कोलेस्ट्रॉल, ट्राई ग्लिसराइड बढ़ा रहता है उन्हें भी सेहत व डाइट को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
नस फटने के सप्ताह में 2 से 3 केस
सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य दिनों में महीने में उनके पास दिमाग की नस फटने के 3-4 केस आते हैं। लेकिन ठंड बढ़ने के साथ ही इस तरह के 2-3 केस सप्ताह में आने लगे हैं। ऐसे मरीज जिन्हें 24 घंटे के अंदर अस्पताल ले आया जा रहा है उनके दिमाग को खोले बगैर ही नस को रिपेयर कर लिया जाता है।
समय पर पहुंचे अस्पताल
हृदय रोग विशेषज्ञ व न्यूरोलॉजी सर्जन के अनुसार हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, दिमाग की नस फटने जैसी किसी भी स्थिति में अगर मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो उसके बचने की संभावना ज्यादा रहती है। कई मरीजों में शुरुआती लक्षण बीपी बढ़ना है। कई मरीजों में अचानक बीपी 180 से लेकर 220 या उसके ऊपर पहुंच जाता है। सबसे पहले बीपी नियंत्रित करने पर फोकस करें।
विटामिन की कमी से भी नहीं आती नींद
शहर के युवाओं में दिनभर थकावट, आलस, सुस्ती और रात में नींद नहीं आने की समस्या बढ़ रही है। मेडिकल अस्पताल से लेकर जिला अस्पताल में इस समस्या को लेकर बड़ी संख्या में मरीज डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। लगातार ये स्थिति रहने पर मरीजों की समस्या गंभीर हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार नींद नहीं आने का बड़ा कारण शरीर में विटामिन की कमी भी है। जिनमें मुख्य रूप से विटामिन 6, विटामिन बी 12 और विटामिन डी शामिल है। इन विटामिन की कमी कमी से स्वस्थ होने पर भी नींद से संबंधित समस्या हो रही है।
हृदय की धड़कन तेज होने, अचानक बीपी बढ़ने या कम होने, हार्ट में ब्लॉकेज, हार्ट अटैक के मामले बढ़ गए हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को घबराहट, सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न, कमर के बायें हिस्से या बायें हाथ में दर्द जैसे कोई लक्षण होते हैं तो जांच कराएं।
डॉ. आरएस शर्मा, हृदय रोग विशेषज्ञ
ठंड बढ़ने के साथ ही दिमाग की नस फटने के मामले बढ़ गए हैं। लकवा के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। अगर मरीज को 24 घंटे के अंदर अस्पताल ले आया जाए तो उसे जल्द ठीक किया जा सकता है।
डॉ. निष्ठा यादव, न्यूरोलॉजी सर्जन, सुपरस्पेशलिटी अस्पताल
Published on:
03 Jan 2024 12:41 pm
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