
cbse new session
जबलपुर। सीबीएसइ स्कूलों में सोमवार से फिर रौनक लौट आयी। परीक्षा के तनाव से दूर सोमवार से कक्षाओं में छात्र-छात्राएं मस्ती के मूड में दिखें। दअरसल, सीबीएसइ के नए सत्र का सोमवार को शुभारंभ हो गया है। इसके साथ ही नए सत्र के लिए छात्र-छात्राओं के साथ ही अभिभावकों की तैयारी भी शुरू हो गई है। बाजार भी नए सत्र के लिए तैयार है। चाहे गोरखपुर का मार्केट हो या फिर मालवीय चौक के पास की स्टेशनरी दुकानें। अंधेर देव में स्कूल बैग का मार्केट हो या फिर यूनिफॉर्म की दुकान। इन दिनों इन जगहों पर सुबह से शाम तक भीड़ का माहौल दिखाई दे रहा है। बच्चे मनचाही स्टेशनरी पसंद कर रहे हैं, वही पैरेंट्स किताबें खरीदने के लिए घंटों दुकान में समय खपा रहे हैं। वहीं दो अप्रैल से तमाम एमपी बोर्ड और केंद्रीय विद्यालय खुल जाएंगे। स्कूल के नए सेशन का असर ही है, जो शहर के मार्केट में इन दिनों दिखाई दे रहा है। पैरेंट्स से लेकर बच्चे खरीदारी में व्यस्त हैं, वहीं स्कूलों में भी नए सत्र की तैयारी का दौर चल रहा है।
नई किताबों का उत्साह
नई क्लास में जाने की खुशी बच्चों में बहुत है। इसके साथ ही नई किताबों को पढऩे का क्रेज भी उनमें साफ दिखाई दे रहा है। अगली क्लास की किताबें खरीदने के लिए बच्चे पैरेंट्स के साथ खुद भी बुक स्टोर पहुंच रहे हैं और किताबें ले रहे हैं। एक बुक स्टोर में किताबें खरीदने पहुंची नूपुर ने बताया कि वह अगली क्लास में जाने के लिए बहुत एक्साइटेड हैं। मम्मी के साथ खुद ही किताबें खरीदने आई हैं और कंपास बॉक्स सहित अन्य स्टेशनरी आइटम भी वे अपनी पसंद का खरीद रही हैं।
इन जगहों का रुख
किताबें और स्टेशनरी के लिए मालवीय चौक, गोरखपुर और सदर मार्केट में ज्यादा भीड़ है।
बच्चों के स्कूल बैग के लिए अंधेर देव मार्केट में बैग का अच्छा खासा मार्केट है, जहां शाम होते ही लोग पहुंच रहे हैं।
रेडीमेड गारमेंट और यूनिफॉर्म स्टोर में यूनिफॉर्म के लिए एडवांस बुकिंग की स्थिति भी चल रही है।
स्पाइडरमैन वाले बैग
टीवी में दिखने वाले कार्टून का अनुभव बच्चे अपने आसपास चाहते हैं। यही वजह है कि स्कूल बैग में बच्चे सबसे ज्यादा कार्टून कैरेक्टर पसंद कर रहे हैं। इनमें छोटा भीम, स्पाइडर मैन, मोटू पतलू जैसे कैरेक्टर सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। पैराशूट वाले बैग सीनियर स्टूडेंट्स की पसंद में शामिल हैं। बैग की पर्चेजिंग के लिए शहर के लोग अंधेर देव एवं सदर मार्केट की ओर रुख कर रहे हैं।
हर चीजें ब्रांड न्यू चाहिए
पारुल बड़ेरिया के बताती है कि स्कूल शुरू होने से पहले ही शेड्यूल टाइट हो गया है। बच्चों को हर चीजें ब्रांड न्यू चाहिए, इसलिए घर के काम निपटाकर शॉपिंग के लिए वक्त निकाला जा रहा है। संगीता रिछारिया का कहना है कि किताबें खरीदने के बाद उनमें कवर चढ़ाने का काम भी पैरेंट्स ही कर रहे हैं, वहीं स्कूल शुरू होने से पहले बच्चों की कुछ प्रिपरेशन भी घर में ही करवाई जा रही है।
Published on:
26 Mar 2018 12:54 pm
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