
chaturmas 2023 date
जबलपुर. इस बार हिन्दू वर्ष 12 माह की जगह 13 माह का होगा। पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के कारण सावन दो महीने का होगा। सावन की शुरुआत 4 जुलाई से होगी और समापन 31 अगस्त को होगा। इस बीच पुरुषोत्तम मास 18 जुलाई से 16 अगस्त तक रहेगा। यह संयोग 19 साल बाद बन रहा है। पुरुषोत्तम मास की वजह से इस बार भोलेनाथ की भक्ति के लिए दो सावन मिलेंगे। पुरुषोत्तम मास में विष्णु भगवान की भी आराधना होगी। साधु-सन्तों का चातुर्मास भी अधिकमास की वजह से 120 की जगह 147 दिनों का होगा। चातुर्मास में साधु-संत नर्मदा किनारे विशेष आराधना करते हैं। नर्मदा तट पर साधु-सन्तों के आश्रमों में व उनके अनुयायियों ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।
नर्मदा तटों पर तैयारियां, हिन्दू पंचाग में इस साल अधिमास
गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह आदि कार्य नहीं होंगे
इस बार चातुर्मास 5 महीने का होगा, जो आमतौर पर चार महीने का होता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चातुर्मास में भगवान विष्णु पूरे चार माह के लिए योग निद्रा में होते हैं। इस साल भगवान विष्णु 5 महीने तक योगनिद्रा में रहेंगे। इस दौरान गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह, जनेऊ संस्कार आदि जैसे शुभ-मांगलिक कार्य नहीं होंगे। चातुर्मास का आरंभ 29 जून को देवशयनी एकादशी के दिन होगा। इसका समापन 23 नवंबर को होगा।
सावन में आठ सोमवार
इस बार भोलेनाथ के भक्तों को उनकी कृपा पाने व प्रसन्न करने के लिए एक नहीं बल्कि दो महीने का मौका मिलेगा। मान्यता है कि सावन के सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को और भी ज्यादा प्रिय है। इस साल सावन में 8 सोमवार पड़ने वाले हैं। इसलिए भक्तों को भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने का अधिक अवसर होगा।
Published on:
06 Jun 2023 02:25 pm
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