जबलपुर

सैकड़ो वर्ष पुरानी चौसर मुद्रा वाली दुर्लभ शिव-पार्वती की मूर्ति चोरी

बेलखेड़ा के सुनाचर गांव के पास नर्मदा तट स्थित प्राचीन शिव मंदिर की घटना, कार से पहुंचे थे मूर्ति चोर

3 min read
Shiva-Parvati statue stolen

जबलपुर। जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर बेलखेड़ा के सुनाचार में नर्मदा तट स्थित प्राचीन शिव मंदिर से शिव-पार्वती की दुर्लभ प्रतिमा चोरी हो गई। शिव-पार्वती की यह प्रतिमा डेढ़ हार वर्ष पुरानी बतायी जा रही है। चौसर मुद्रा वाली यह मूर्ति नर्मदा तट पर बने शिव मंदिरों में इकलौती थी। मंगलवार सुबह पांच बजे गांव के लोग नर्मदा स्नान के बाद मंदिर दर्शन करने पहुंचे तो मूर्ति चोरी की जानकारी लगी। इस प्राचीन मंदिर से इस क्षेत्र के लोगों की काफी आस्था जुड़ी है। मंदिर से प्राचीन मूर्ति चोरी की खबर मिलते ही यहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर एसडीओपी पाटन आईपीएस रोहित काशवानी और बेलखेड़ा पुलिस पहुंची थी।

IMAGE CREDIT: patrika

ढाई क्विंटल वजन वाले लाल बलुआ पत्थर पर बनी है मूर्ति
सुनाचार के पूर्व सरपंच परमलाल अहवासी ने बताया कि यह मंदिर गांव से एक किमी दूर नर्मदा तट पर बना है। टीले पर बने इस अति प्राचीन मंदिर के बगल में एक कमरा बना हुआ है, जो नर्मदा परिक्रमा करने वालों का आश्रय स्थल है। पिछले तीन महीने से यहां उज्जैन के एक सन्यासी बंशीलाल पांचाल ठहरे हुए हैं। हालांकि चोरी के बारे में उन्हें भी कुछ पता नहीं चल पाया। ढाई क्विंटल वजन वाले लाल बलुआ पत्थर पर नक्काशीदार मूर्ति उकेरी गई है। गांव के महेश प्रसाद तिवारी यहां पूजा-पाठ करते हैं। रात आठ बजे मंदिर के पट बद हो गए थे।

IMAGE CREDIT: patrika

पूजा करने पहुंचे ग्रामीण तो गायब देखी मूर्ति
सुनाचर गांव में पिछले 40 वर्षों से श्रीराम भजन की प्रभात फेरी होती है। गांव के कोटवार सुदामा, बालाराम चौधरी, मुनीम पटेल, सोनी पटेल, लखन बर्मन, चेत सिंह, मातबर सिंह लोधी सुबह पांच बजे प्रभात फेरी के बाद नर्मदा घाट पर जाते हैं और वहां से मंदिर दर्शन को जाते हैं। मंगलवार सुबह पहुंचे तो अंदर मूर्ति गायब मिली। मंदिर से लोगों की जुड़ी आस्था का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां नया मंदिर बनाने ग्रामीणों ने 40 लाख रुपए का चंदा एकत्र किया है।

IMAGE CREDIT: patrika

सब्बल से उखाड़ कर ले गए चोर
एसडीओपी पाटन रोहित काशवानी ने बताया कि मूर्ति को उठाने के लिए कम से कम चार लोग रहे होंगे। पत्थर घिसटने के निशान भी मिले हैं। ग्रामीणों से पता चला है कि एक बिना नम्बर की कार सोमवार दोपहर मंदिर के पास दिखी थी। इसके बाद रात दो बजे भी उस कार को निकलते हुए देखा गया। चोरी का प्रकरण दर्ज कर रोड पर लगे कुछ सीसीटीवी के माध्यम से जांच की जा रही है।
कल्चुरी काल की अति दुर्लभ है मूर्ति
जिला पुरातत्व अधिकारी पीसी महोबिया ने बताया कि यह प्राचीन मूर्ति कल्चुरी काल की है। इस तरह की एक प्रतिमा पुरातत्व विभाग और एक शहडोल में हर्रा टोला स्थित मंदिर में है। इस तरह की प्राचीन कलाकृति बेशकीमती होती है।

Published on:
11 Dec 2019 12:46 am
Also Read
View All

अगली खबर