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college admission : पोर्टल में जिन कॉलेजों के नाम, उनमें कोर्स का संचालन ही नहीं

ऑनलाइन पोर्टल में जबलपुर से जिन 17 कॉलेजों को पहले चरण में स्थान दिया गया है, उनमें बीएड और इससे जुड़े इंटीग्रेटेड कोर्स ही संचालित नहीं है।

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RDVV : Registration for admission will be done till 10th May

RDVV : Registration for admission will be done till 10th May

college admission : उच्च शिक्षा विभाग की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही विवादों में घिर गई है। ऑनलाइन पोर्टल में जबलपुर से जिन 17 कॉलेजों को पहले चरण में स्थान दिया गया है, उनमें बीएड और इससे जुड़े इंटीग्रेटेड कोर्स ही संचालित नहीं है। नतीजतन, इन कोर्सेस में प्रवेश से छात्र वंचित हो रहे हैं। परेशान छात्र रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 15 मई से ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया का पहला चरण शुरू हो गया है। यह 30 मई तक जारी रहेगा। वहीं 16 मई से छात्र के दस्तावेजों का वेरीफिकेशन भी शुरू हो गया है।

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  • प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी
  • छात्र लगा रहे विश्वविद्यालय के चक्कर
  • पहले चरण की प्रवेश प्रक्रिया से रह जाएंगे वंचित

college admission : बीएड के साथ कई कोर्स

बीएड, एमएड पाठ्यक्रमों के साथ ही बीए-बीएड, बीएससी- बीएड, डीएलड को इंटीग्रेटेड कोर्स के तौर पर पेश किया गय था। इसका मकसद था छात्रों को कम समय में डिग्री दिलाना। लेकिन कॉलेजों में कोर्स की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना की गई इस पहल ने छात्रों को मुश्किल में डाल दिया है। यह दो साल से लेकर चार का डिग्री कोर्स है। ऐसे में बीए, बीएससी, बीकॉम में तो प्रवेश शुरू हो गए लेकिन दूसरे विषय बाहर हो गए हैं। इस अव्यवस्थित प्रक्रिया की वजह से एक ओर जहां छात्र भ्रमित हो रहे हैं, वहीं पोर्टल में आवेदन नहीं कर पाने से प्रवेश प्रक्रिया से वंचित हो जाएंगे।

college admission : रादुविवि के 40 कॉलेज प्रक्रिया से बाहर

कॉलेजों ने समय पर आवेदन कर दस्तावेज किए, लेकिन उन्हें जगह नहीं मिली। जिले के 17 कॉलेजो में पारंपरिक कोर्स का पाठ्यकम है जबकि नेशनल कांउसिल फॉर टीचर एजुकेशन से जुड़े पाठ्यक्रम ही नहीं है। इसके चलते विश्वविद्यालय से संबद्ध 40 कॉलेजो में प्रवेश को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। ऐसे में छात्र प्रदेश अथवा प्रदेश के बाहर एडमिशन लेने विवश होंगे। वहीं कॉलेजों का मानना है कि उनके द्वारा सभी दस्तावेजों को जमा करने के बाद भी प्रक्रिया से बाहर करना समझ से परे है।