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कॉलेजों की गलती, 30 हजार छात्रों को रिजल्ट की सजा

एक कोड समझकर भेज दिए बंडल, समय पर नहीं हो पाई कापियों की जांच, परीक्षा समन्वयकों ने भी बरती लापरवाही, अटक गया यूजी का परिणाम

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जबलपुर।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर का परीक्षा परिणाम कॉलेजों और परीक्षा समन्वयकों की लापरवाही में फंस गया। कॉलेजों ने लापरवाही बरती जिससे कापियों की जांच समय पर नहीं हुई और परीक्षा परिणाम भी अटक गया। परिणाम जारी करने में हुई देरी के बाद जब हल्ला हुआ और विश्वविद्यालय द्वारा कारणों की जांच की गई तो कॉलेजों की लापरवाही इसमें सामने आई। कॉलेजों ने उत्तरपुस्तिकाओं के बंडलों को एक कोड मानकर विश्वविद्यालय को भेज दिए गए। जबकि सबजेंक्ट के अनुसार किताबों के बंडल को अलग-अलग भेजे जाने थे। इसे तरफ परीक्षा समन्वयकों ने भी ध्यान नहीं दिया गया। एक बंडल में दूसरी बंडल की कापियां जुड़ने केे के कारण वितरण में भी देरी हुई जिसके कारण कई कापियों की समय पर जांच नहीं होने के कारण स्नातक स्तर का परिणाम भी प्रभावित हो गया।
30 हजार छात्र प्रभावित
बताया जाता है स्नातक स्तर की कापियों की समय पर जांच न होने के कारण करीब 30 हजार छात्रों का परिणाम अब तक जारी नहीं हो सका है। परीक्षा के तीन माह गुजरने के बाद रिजल्ट जारी न होने से छात्र आगे प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। स्नातक की उक्त परीक्षाएं मई में आयोजित की गई थी। कॉलेजो की गलती के साथ ही परीक्षा एजेंसी को भी सभी छात्रों को समय पर डेटा उपलब्ध नहीं कराए गए जिससे छात्रों का परिणाम भी तैयार नहीं हो सका है।
कॉलेजों पर हो सकती है कार्रवाई
कुछ कॉलेजों की इस गलती के कारण उनपर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। विश्विविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा कार्य में जुड़े समन्वयकों को आडे हाथ लिया है। समय पर उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना न दिए जाने के कारण परीक्षा विभाग के कर्मचारियों और समन्वयकों को भी फटकार लगाई गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लापरवाही करने वाले कॉलेजों की जानकारी तलब की है। इन कॉलेजों को नोटिस जारी कर जवाब तलब भी किया जाएगा। परीक्षा नियंत्रक डॉ.रश्मि टंडन ने कहा कि कॉलेजों की लापरवाही के चलते परीक्षा परिणाम में किन्हीं कारणों से विलंब हुआ है। प्रयास किया जा रहा है कि 10 दिनों के अंदर सभी परिणाम जारी कर दिए जाएं।