उच्च शिक्षा विभाग की पहल, छात्रावासों की भी होगी जांच
जबलपुर. अस्पतालों की तरह अब शासकीय और अशासकीय कॉलेजों का भी फायर सेफ्टी ऑडिट होगा। इसके माध्यम से कॉलेज भवनों में अग्नि सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता सहित अन्य जांच की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने हाल ही में राजधानी में सतपुड़ा भवन में हुई अग्निदुर्घटना को देखते हुए यह कदम उठाया है। इसकी जवाबदारी रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय को सौंपी गई है।
छात्रावासों की भी होगी जांच
बताया गया कि कॉलेजों के छात्रावासों का भी फायर सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। इसमें कमियां मिलने पर उनका निराकरण कराया जाएगा। इसके लिए कॉलेजों को समय सीमा दी जाएगी। इस मियाद के अंदर कॉलेजों को काम करना होगा।
अग्निशमन विभाग की लेंगे मदद
फायर आडिट के लिए विश्वविद्यालय के अधिकारियों और अग्निश्मन विभाग के अधिकारियों का संयुक्त दल गठित किया जाएगा। संयुक्त दल कॉलेजों और छात्रावासों में अग्निहादसों से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्रों और सुरक्षा मापदंडों की जांच करेगा।
यह है स्थिति
कॉलेजों में अग्निशमन यंत्रों का मेंटेनेंस नहीं हो रहा है। कई कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में अग्निश्मन यंत्र नहीं हैं। कई छात्रावासों में अग्नि हादसों से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। इसके बावजूद न तो कॉलेज प्रबंधन का इस ओर ध्यान गया और न ही नगर निगम प्रशासन का।
इनका कहना है
कॉलेजों और छात्रावासों का ऑडिट कराने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए नगर निगम के साथ ज्वॉइंट टीम गठित की जाएगी। शिक्षण संस्थानों की जांच कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए जाएंगे।
डॉ. दीपेश मिश्रा, कुलसचिव, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय
शहर में 15 शासकीय कॉलेज
- 65 अशासकीय कॉलेज
- 10 छात्रावास
- 70 हजार छात्र
इनकी होगी जांच
- संस्थानों में उपलब्ध संसाधन
- दस्तावेजों का रखरखाव
- अग्निशमन यंत्रों की स्थिति
- संस्थानों में छात्रों का इंटेक