जबलपुर में अकेला भारी पड़ रहा कांग्रेस का महापौर, विपक्षी भाजपा के पास नहीं कोई ठोस मुद्दा - देखें वीडियो
जबलपुर . नर्मदा में गंदा पानी पानी मिलने से रोकने के लिए नगर सरकार ने घोषणा की थी। तटों की ठीक ढंग से धुलाई भी नहीं हो रही है। घरों में आए दिन मटमैला पानी आ रहा है। शहर की कई सड़क चलने लायक नहीं बची हैं। बदहाल सड़कों के कारण धूल का गुबार छाया रहता है। ये आरोप लगाते हुए विपक्षी पार्षदों ने सोमवार को नगर सरकार को घेरा। पार्षदों ने नगर निगम मुख्यालय में दिनभर धरना दिया।
नेता प्रतिपक्ष कमलेश अग्रवाल ने कहा कि सीवर प्राजेक्ट और अन्य निर्माण कार्यों के लिए खोदी गई सड़कों का रीस्टोरेशन ठीक ढंग से नहीं हो रहा है। सड़कों पर दिनभर आवारा मवेशियों की धमाचौकड़ी मची रहती है। निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गंजीपुरा में दुकानों से 15 फीट आगे तक अतिक्रमण है। विपक्षी पार्षदों ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू को ज्ञापन सौंपा।
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20 साल में जो भाजपा नहीं कर पाई, छह माह में किया
नगर निगम में सत्ता पर रहते हुए 20 साल में भाजपा जो विकास के काम नहीं कर सकी, वह 6 महीने के कांग्रेस कार्यकाल में किए गए हैं। इससे बौखलाकर नाकामी छुपाने के लिए नगर निगम मुख्यालय में धरना दिया गया है।
भाजपा पार्षदों के आरोपों के जवाब में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि भाजपा शहर में अपना जनाधार खो चुकी है। निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। नर्मदा में गंदे नाले मिलने से रोकने एसटीपी प्लांट बनाने के लिए 17.50 करोड़ रुपए के टेंडर जारी किए जा चुके हैं।
नगर में दो सौ करोड़ रुपए से ज्यादा के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के काम कराए जा रहे हैं। हर पार्षद को 40-40 लाख रुपये तक के विकास कार्य कराने कहा है। महापौर ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है। नगर में 67 उद्यानों का भी निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस दौरान एमआईसी सदस्य शेखर सोनी, एकता गुप्ता, हेमलता दिनेश सिंगरौल, अमरीश मिश्रा व एमआईसी के अन्य सदस्य मौजूद थे