कोर्ट ने वेयरहाउस अधिग्रहण को ठहराया अनुचित
जबलपुर। हाईकोर्ट के न्यायाधीश विवेक अग्रवाल की एकल पीठ ने बालाघाट कलेक्टर के मनमाने तरीके से वेयरहाउस अधिग्रहण को अनुचित करार दिया। कलेक्टर पर 25 हजार रुपए की कॉस्ट भी लगाई। यह राशि याचिकाकर्ता को दी जाएगी। इस निर्देश के साथ कोर्ट ने वेयरहाउस का अधिग्रहण करने का आदेश निरस्त कर दिया।
श्री साईं बाबा वेयरहाउस के संचालक ने अधिग्रहण करने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि कलेक्टर ने कानून का उल्लंघन करते हुए मनमानी तरीके से वेयरहाउस का अधिग्रहण किया है। सरकार ने 2022-23 में धान का भंडारण के लिए एक स्कीम निकाली। इसमें प्रावधान किया गया कि वेयरहाउस में धान भंडारण के रखरखाव का काम पीएमएस (संरक्षण, रखरखाव और सुरक्षा) एजेंसी करेगी। सरकार इस सम्बंध में वेयरहाउस और एजेंसी के साथ अनुबंध करना चाह रही थी। लेकिन, अनुबंध होने से पहले ही एजेंसी भाग गई। इसके बाद सरकार वेयरहाउस के ऊपर दबाव डाल रही थी कि धान के रखरखाव का काम वेयरहाउस संचालक करें।
याचिकाकर्ता ने इसका विरोध किया। दलील दी गई कि सरकार वेयरहाउस में रखा धान समय पर नहीं उठाती। इसके कारण संचालकों से भारी-भरकम वसूली की जाती है। दिसंबर-2022 में कलेक्टर ने बिना कोई सूचना दिए वेयरहाउस का अधिग्रहण कर लिया।