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crime news 2020: जबलपुर में बना गुंडों का शहर, 30 दिन 50 वारदातों से दहला शहर

जबलपुर में बना गुंडों का शहर, 30 दिन 50 वारदातों से दहला शहर  

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जबलपुर। बेसिक पुलिसिंग भूल चुके पुलिस वालों पर पूरे अगस्त महीने में अपराधी भारी पड़े। अपराधी वारदातों को अंजाम देते रहे। पुलिस पीछे लकीर पीटती नजर आई। अपराध के ग्राफ पर नजर दौड़ाएं, तो गढ़ा नम्बर वन रहा। वहां एक महीने में दो हत्याएं और तीन हत्या के प्रयास के साथ चाकूबाजी पांच वारदातें सामने आईं। चाकूबाजी की पांच वारदातें यहां सामने आईं। इसके बाद बरेला का नम्बर आता है। यहां भी एक महीने में हत्या की दो वारदातें सामने आई। इसमें जमतरा में रेलवे गैंगमैन की कुल्हाड़ी मारकर हत्या की घटना दिल दहला देने वाली थी। एक हत्या गोरखपुर के मांडवा बस्ती में जिलाबदर के बदमाश की हुई। बमबाजी से परेशान बस्ती के युवकों ने उसे पीट-पीट कर मार डाला।

बेसिक पुलिसिंग नदारद : बदमाश को पीट-पीट कर मार डाला, कहीं गैंगमैन की हत्या
अगस्त में अपराधियों ने बेखौफ मचाया उत्पात, गढ़ा व बरेला में संगीन वारदात

बिखर रहे परिवार और रिश्ते-
इस महीने पुलिस ने हत्या के तीन और अपहरण की एक वारदात का खुलासा किया। गढ़ा में टैटू सेंटर संचालक की हत्या में आरोपी पत्नी का प्रेमी निकला। मझगवां में चौकीदार की हत्या बेटे ने सिर पर रॉड और रस्सी से गला घोट कर की। कारण इतना था पिता उसे पैसे नहीं देता था। काम धंधा की बात कह कभी गुस्से में हाथ उठा देता था। मझौली पुलिस ने आठ महीने बाद एक हत्याकांड का खुलासा किया। इसमें भी आरोपी पत्नी और मृतक का चचेरा भाई निकला।

चोरी-लूट की वारदातें बढ़ीं-
पिछले एक महीने में जिले में चोरी की 44 वारदातें सामने आईं। इसमें से कई में एफआइआर पुलिस ने चोरों के पकड़े जाने के बाद दर्ज की। माढ़ोताल में 15 अगस्त को सराफाकर्मी से खजरी-खिरिया बायपास के पास दो हजार नकद, मोबाइल और जेवर की लूट हुई, लेकिन एफआइआर में जेवर का जिक्र ही नहीं किया गया। खुलासा हुआ, तब मालूम चला कि जेवर भी बदमाश छीन ले गए थे।

बेसिक पुलिसिंग पर जोर देना होगा। बीट की जानकारी मजबूत करनी होगी। सूचनाओं का संकलन जब तक ठीक नहीं होगा, अपराध और अपराधियों की जानकारी नहीं मिल पाएगी। सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर देना होगा। थानों का समन्वय और कम्यूनिकेशन बेहतर रखना होगाा।
- एके शुक्ला, रिटायर्ड एएसपी

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