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दमोह नाका-मदन महल फ्लाईओवर के लिए टूटेंगे 270 अतिक्रमण, मिलेगा 150 करोड़ का मुआवजा

दमोहनाका-मदन महल फ्लाईओवर के लिए टूटेंगे 270 अतिक्रमण, मिलेगा 150 करोड़ का मुआवजा  

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damoh naka-madan mahal flyover bridge, remove 270 encroachment

संतोष सिंह@जबलपुर/ कोरोना संकट के बीच शहर के पहले फ्लाईओवर का काम शुरू हो गया है। पीडब्लूडी विभाग का दावा है कि लगभग छह किलोमीटर लम्बाई वाला यह निर्माण इंजीनियर का नायाब नमूना होगा। विस्तृत कार्ययोजना के अंतर्गत फ्लाईओवर निर्माण के लिए अब तक 270 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं।

ब्रिज निर्माण की विस्तृत रूपरेखा तैयार, मुआवजे के रूप में देंगे 150 करोड़
अद्भुत इंजीनियरिंग का नायाब नमूना बनेगा मदन महल फ्लाईओवर
5.9 किमी की लम्बाई वाले इस फ्लाईओवर में केबल स्टे ब्रिज, बो स्टिंग ब्रिज और रोटरी होगी शामिल

इन्हें हटाने और एवज में करीब 150 करोड़ रुपए के मुआवजा वितरण की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। इसमें मदन महल थाना परिसर का कुछ हिस्सा व क्वाट्र्स भी प्रभावित होंगे। वहीं फ्लाईओवर कुछ होटलों के ऊपर से निकलेगा। पीएनटी की दीवार एक बार फिर पीछे होगी। ठेका कपनी ने एलआईसी, छोटी लाइन फाटक मार्ग व मदनमहल स्टेशन मार्ग पर कार्य शुुरू कर दिया है। यहां पीयर (पिलर) बनाने के लिए लोहे की पट्टियों का घेरा बनाया जा रहा है। शहर के विकास को पंख लगाने और 767 करोड़ की लागत से बनाने वाले फ्लाईओवर में केबल स्टे ब्रिज, बो स्टिंग ब्रिज और रोटरी शामिल होगी। ब्रिज दमोहनाका से शुरू होकर मदनमहल तक बनेगा। लगभग 160 पियर पर बनने वाले इस फ्लाईओवर का काम ठेका कंपनी एनसीसी प्राइवेट लिमिटेड ने शुरू कर दिया है। अगले तीन वर्ष में फ्लाईओवर का काम पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा फ्लाईओवर के निर्माण मार्ग की बिजली अंडरग्राउंड होगी। वहीं पेयजल की पाइपलाइन भी अलग से डलेगी।

दमोहनाका से मदनमहल तक बनने वाले लाईओवर का काम शुरू हो चुका है। लगभग 30 से 36 मीटर की दूरी पर कुल 160 पीयर पर इसका निर्माण होगा। सभी पीयर का स्वाइल टेस्ट कराकर उसके अनुसार स्ट्रक्चर तैयार होगा।
- गोपाल गुप्ता, अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विााग (सेतु निगम)


फ्लाईओवर में ये होगा विशेष

केबल स्टे ब्रिज- मदन महल स्टेशन के ऊपर ये बनेगा। दोनों तरफ 96-96 मीटर की लबाई होगी। दोनों लेन की कुल दूरी 394 मीटर होगी। इस केबल स्टे ब्रिज में स्टील की रस्सी का प्रयोग किया जाएगा। भोपाल के बड़े तालाब पर इस तरह का ब्रिज बना है।

बो-स्टिंग ब्रिज-
जम्मू एंड कश्मीर के चिनाब नदी पर इस तकनीक का ब्रिज बना है। इसमें लोहे के गर्डर का प्रयोग किया जाता है। रेलवे स्टेशन पर लाइन के ऊपर इस तरह का ब्रिज होता है। रानीताल व बल्देवबाग में ये ब्रिज लाईओवर से जुड़ेगा।
रोटरी-
दशमेश द्वार पर फ्लाईओवर की बड़ी रोटरी होगी। ये तिराहे के आकार का होगा। इसके लिए यहां का पेट्रोल पंप से लेकर अन्य निर्माण हटेंगे।

सेग्मेंटल कांक्रीट का होगा शेष स्ट्रक्चर
इसके अलावा पूरे लाईओवर और लेग मार्ग का निर्माण का स्ट्रक्चर सेग्मेंटल कांक्रीट पर होगा।