
Dead came alive : मेडिकल अस्पताल में भर्ती व्यक्ति को मृत बताने और पोस्टमार्टम के लिए पत्र जारी करने के मामले में 4 पीजी छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही विभागाध्यक्ष डॉ. दीप्ती बाला शर्मा को शोकॉज नोटिस जारी किया है। उन्हें पूरे घटनाक्रम पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने भी कहा गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है। ये कमेटी 3 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके आधार पर तय होगा कि पीजी छात्रों का सस्पेंशन कितने दिन का रहेगा। इसके साथ ही सिहोरा के 66 वर्षीय मरीज इंद्रजीत कुमार के इलाज के लिए भी 3 सदस्यीय विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित की गई है।
सिहोरा निवासी 66 वर्षीय इंद्रजीत कुमार को हृदय रोग से पीड़ित होने पर 26 जनवरी की रात निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से रेफर किए जाने पर देर रात मेडिकल में भर्ती कराया गया। वहां उन्हें मृत बता दिया गया। 27 जनवरी को सुबह इंद्रजीत को पीएम के लिए ले जाया जा रहा था। इस दौरान उनकी सांस चलते देख परिजन वापस चिकित्सकों के पास लेकर पहुंचे और प्रबंधन के समक्ष विरोध दर्ज कराया। कुछ ही देर में मामला हर जगह चर्चा में आ गया। इंद्रजीत को फिर से तीसरी मंजिल पर सर्जरी वार्ड में भर्ती किया गया। वहां उनका इलाज किया जा रहा है।
Updated on:
29 Jan 2025 11:16 am
Published on:
29 Jan 2025 11:15 am
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
