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पीली पर्ची दिखाते ही इस मेडिकल कॉलेज में बना देते है डेथ सर्टिफिकेट

सडक़ दुर्घटना में घायल एक व्यक्ति की मौत के बाद प्रमाण पत्र को लेकर आपस में डॉक्टर-वकील भिड़े

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Death

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जबलपुर. नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को उस वक्त डॉक्टर्स का विवाद हो गया जब दो दिन पहले हुई एक व्यक्ति की मौत की एमएलसी की फाइल लेकर दो वकील पहुंचे। फाइल देखते ही डॉक्टर्स ने फाइल अस्पताल से चोरी-छिपे अपने साथ लिए जाने का आरोप लगाया। इस पर मृतक के परिजन के साथ आए वकील भडक़ गए। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी से हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई। एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने के बाद मामला प्रबंधन तक पहुंचा तो दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच के निर्देश दिए गए है।
सूत्रों के अनुसार मानेगांव निवासी एक व्यक्ति को सडक़ दुर्घटना में घायल होने पर मेडिकल अस्पताल के वार्ड-13 में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान 26 मार्च को उसकी मौत हो गई। वार्ड छोड़ते समय परिजन अपने साथ मरीज के उपचार और एमएलसी फाइल भी लेकर चले गए। अगले दिन परिजन मृत्यु प्रमाण पत्र लेने के लिए पहुंचे तो अधिकारियों ने पीला पर्चा (एमएलसी) मांगा। उसके नहीं होने पर प्रमाण पत्र प्रदान करने में असमर्थता जताई। परिजनों ने बीमा क्लेम के लिए प्रमाण पत्र की आवश्यकता बताते हुए उसे उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। पूछताछ की गई तो वार्ड और संबंधित विभाग में मरीज की फाइल गायब मिली। इसके बाद परिजन गुरुवार को दो वकील के साथ एमएलसी फाइल लेकर अस्पताल पहुंचे। फाइल देखते ही डॉक्टर बिफर पड़े। उन्होंने साथ आए वकीलों पर जानबूझकर फाइल ले जाने का आरोप लगाया। उनकी मंशा पर सवाल उठाए। इस बात पर डॉक्टर और वकीलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप हुए और तनातनी की स्थिति बन गई। वकीलों ने भी मरीज की फाइल सुरक्षित नहीं होने का आरोप लगाते हुए वार्ड के डॉक्टर्स की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजेश तिवारी के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायत की जांच कराई जा रही है। पांच दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।