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जबलपुर. किसानों ने सिंचाई के लिए कृषि पंप चालू किए, तो प्रदेश में बिजली की मांग का ग्राफ लगातार बढ़ने लगा। पिछले 20 दिन में बिजली की डिमांड तीन हजार मेगावॉट से अधिक बढ़ी। बुधवार को सुबह 11 बजे प्रदेश में बिजली की सर्वाधिक मांग 16160 मेगावॉट दर्ज की गई। यह मांग इस रबी सीजन की सर्वाधिक मांग थी। बिजली कम्पनियाें ने इस मांग की बखूबी पूर्ति की और प्रदेश में किसानों को सिंचाई के लिए पूरी बिजली मिली।
सर्वाधिक बिजली एनटीपीसी से
प्रदेश में बिजली की डिमांड बढ़ी, तो बिजली कम्पनियाें ने एनटीपीसी के ताप विद्युत गृहों से सर्वाधिक 8502 मेगावॉट बिजली ली। वहीं मप्र जनरेशन कम्पनी के ताप विद्युत गृहों से 3965 मेगावॉट बिजली की आपूर्ति की गई। जल विद्युत गृहों से उनकी क्षमता से अधिक उत्पादन किया गया। वहीं रिनुअल एनर्जी से 1143 मेगावॉट और अन्य स्त्रोतों से 496 मेगावॉट और बैंकिंग की गई 800 मेगावॉट बिजली से प्रदेश में सप्लाई की गई।
हाईड्राल से रिकॉर्ड उत्पादन
मप्र पावर जनरेशन कम्पनी के जल विद्युत गृहों में बांधों के पानी का जल स्तर कम होने के कारण पिछले दिनों उत्पादन कम कर दिया गया था। एक नवम्बर को प्रदेश के जल विद्युत गृहों से महज 249 मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया गया, लेकिन डिमांड बढ़ी तो इन जल विद्युत गृहों से उत्पादन बढ़ा दिया गया। पांच नवम्बर को जनरेशन कम्पनी के जल विद्युत गृहों से 600 मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया गया, लेकिन बुधवार को इन जल विद्युत गृहों की क्षमता से अधिक रिकॉर्ड 1254 मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया गया।
इस रबी सीजन में ऐसे बढ़ी डिमांड
08 नवम्बर- 16160 मेगावॉट
05 नवम्बर- 15509 मेगावॉट
31 अक्टूबर-14940 मेगावॉट
21 अक्टूबर- 14253 मेगावॉट
19 अक्टूबर- 13715 मेगावॉट
15 अक्टूबर- 12900 मेगावॉट
Published on:
09 Nov 2023 06:13 pm
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