
16 जून से नए नियम लागू होने के बाद भी बिना हॉलमार्किंग वाला सोना बेचने पर कोई रोक नहीं, जानें लेटेस्ट अपडेट
जबलपुर। इस बार धनतेरस का पर्व दो दिन मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, 12 और 13 नवंबर दोनों ही दिन शुभ मुहूर्त होने के कारण धनतेरस की खरीदारी करने के लिए उपयुक्तहैं।
विद्वानों ने धनतेरस पर आभूषण, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और बर्तन खरीदने का विशेष महत्व बताया है। ज्योतिषाचार्य जनार्दन शुक्ला के अनुसार, हिंदू धर्म में समृद्धि के प्रतीक पांच दिवसीय दिवाली पर्व का विशेष महत्व है। इसके पहले दिन कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को देव वैद्य भगवान धनवंतरि का अवतरण हुआ था। उनके चार हाथ हैं। इनमें अमृत कलश, औषधि, शंख-चक्र आदि हैं। इस दिन आरोग्यता की कामना से भगवान धनवंतरि का पूजन किया जाता है। इन्हें भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है। धनतेरस दो शब्दों से मिलकर बना है।
कहा जाता है इस दिन धन को तेरह गुणा करने के लिए लक्ष्मी, कुबेर और अकाल मृत्यु के भय से मुक्तिके लिए यम को दीपदान करना चाहिए। दिवाली के पहले इस दिन खरीदारी शुभ मानी जाती है। इसमें सोने-चांदी के साथ बर्तन की खरीदारी का विशेष महत्व है।इस बार धनतेरस का त्योहार बहुत खास है, क्योंकि इस दिन कई ऐसे योग बन रहे हैं, जो इस दिन की महत्ता को और बढ़ाने वाले हैं। इस बार आप धनतेरस के दिन जो भी खरीदारी करेंगे, उसका महत्व दोगुना हो जाएगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस साल धनरेसत की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5.32 बजे से शुरू होकर 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। महज 27 मिनट के इस शुभ मुहूर्त में पूजा करना फलदायी माना जाएगा।
इसी वक्तकोई दीपदान करता है, तो भी शुभ होगा। धनतेरस पर खरीदारी के लिए दोनों दिन शुभ मुहूर्त हैं। इसलिए बाजार के जानकारों का कहना है कि इस बार खरीदी-बिक्री का रिकॉर्ड शहर में बन सकता है।
Published on:
11 Nov 2020 12:07 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
