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जबलपुर। बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर चलाई जा रही प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना में खाद्यान्न का उठाव सही समय पर नहीं किया जा रहा। इसके चलते जिले के कोटे का बड़ा हिस्सा लैप्स हो रहा है। नागरिक आपूर्ति निगम और खाद्य विभाग के बीच सामंजस्य नहीं होने का खामियाजा हितग्राहियों को उठाना पड़ रहा।
इस योजना में जिले को हर महीने ढाई से तीन हजार क्विंटल गेहूं, चावल और फोर्टिफाइड चावल का आवंटन होता है। नागरिक आपूर्ति निगम खाद्यान्न उपलब्ध कराकर उसे राशन दुकानों तक पहुंचाता है। दुकानों को इसका आवंटन अपने यहां दर्ज गर्भवती महिलाओं और कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को मध्यान्ह भोजन के लिए किया जाता है। बच्चों की सूची जिला पंचायत और नगर निगम के माध्यम से दी जाती है। गर्भवती महिलाओं की जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से दी जाती है। लेकिन, विभागों में सामंजस्य नहीं होने से कोटा लैप्स हो रहा है।
पूरा आंकड़ा ऑनलाइन
जिले को हितग्राहियाें के हिसाब से खाद्यान्न का आवंटन मिलता है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। नागरिक आपूर्ति निगम खाद्यान्न का आवंटन कर देता है, तो उसका वितरण और उसकी मॉनीटरिंग करने का जिम्मा खाद्य विभाग का होता है। राशन दुकान से जैसे ही खाद्यान्न का वितरण होता है, उसका आंकड़ा ऑनलाइन करना पड़ता है। लेकिन, ऐसा नहीं किया जा रहा। इससे अगले महीने कम आवंटन मिलता है।
जिला पंचायत सीईओ ने लिखा पत्र
खाद्यान्न लैप्स होने के सम्बंध में हाल ही में जिला पंचायत सीईओ ने नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक को पत्र लिखा है। इसमें कहा कि एमसीएम पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर और जनवरी का खाद्यान्न शत-प्रतिशत राशन दुकानों में नहीं पहुंचाया जा रहा। ऐसे में खाद्यान्न का उठाव समय पर नहीं हो रहा। इसमें यह भी कहा गया कि यह डाटा ऑनलाइन है, ऐसे में खाद्यान्न लैप्स हो रहा है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया है कि पहले इस सम्बंध में जानकारी देने के बाद भी हालत संतोषजनक नहीं है।
दिसंबर में ज्यादा नुकसान
जिले में दिसंबर के लिए नवंबर में 2551 क्विंटल का आवंटन इस योजना में हुआ। उठाव 2534 क्विंटल का हुआ। जनवरी के लिए दिसंबर में आवंटन 3051 क्विंटल का हुआ। लेकिन, उठाव मात्र 2261 क्विंटल का हुआ।
योजना के अंतर्गत पूरे खाद्यान्न का आवंटन और परिवहन तय मात्रा में किया जा रहा है। राशन दुकान संचालकों का काम है कि प्राप्त आवंटन को ऑनलाइन दर्ज करें। लेकिन, ऐसा नहीं होता। यह काम खाद्य विभाग का होता है। विभाग को इस सम्बंध में अवगत कराया गया है।
दिलीप किरार, जिला प्रबंधक, मप्र नागरिक आपूर्ति निगम
Published on:
09 Jan 2024 07:35 pm
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