
high court
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने एक दिलचस्प मामले में कटनी एसपी को निर्देश दिए कि वे याचिकाकर्ता महिला के दावे के अनुसार उसके पति व बेटी का डीएनए टेस्ट कराएं। ताकि, इस बात का निर्धारण किया जा सके कि महिला के दावे में सच्चाई है या नहीं? जस्टिस जेके माहेश्वरी व जस्टिस अंजुलि पालो की डिवीजन बेंच ने एक माह के अंदर कोर्ट में डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
यह है मामला
कटनी जिले के विजयराघवगढ़ थानांतर्गत निवासी महिला व उसके पति की ओर से दो अलग-अलग याचिकाएं हाईकोर्ट के समक्ष पेश की गईं। महिला ने याचिका में दावा किया कि उसका विवाह बड़वारा थानांतर्गत निवासी से हुआ। विवाह के बाद दोनों की बेटी हुई। लेकिन, पति की लगातार प्रताडऩा से तंग आकर वह अलग हो गई। उसने कटनी कुटुम्ब न्यायालय में अपने व पुत्री के भरण-पोषण की राशि पाने के लिए वाद दायर किया। यह कोर्ट ने खारिज कर दिया। उसके पति ने तर्क दिया कि विवाह के बाद दोनों के बीच पति-पत्नी के सम्बंध बने ही नहीं। उसकी तलाक की अर्जी कोर्ट ने उसके इस तर्क पर मंजूर कर ली। इस फैसले को महिला ने याचिका में चुनौती दी। जबकि,पति की ओर से महिला की ओर से दर्ज कराए गए प्रताडऩा के मामले के खिलाफ याचिका दायर की गई। दोनों की सुनवाई एक साथ की गई।
रिपोर्ट से ही सच आएगा सामने
सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि विवाह सम्बंध की अपूर्णता के मामलों में डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट से ही सत्य स्थापित किया जा सकेगा। कटनी एसपी को कोर्ट ने निर्देश दिए कि वे इसकी व्यवस्था कराएं। एक माह के अंदर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करें। टेस्ट का खर्च दोनों पक्षों को देना होगा।
Published on:
06 Jul 2019 11:56 pm
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