
No primary treatment at night
जबलपुर। शहर में फैले वायरल बुखार का असर इतना गहरा गया है कि इसके पीडि़तों की नब्ज टटोलते-टटोलते कई चिकित्सक ही संक्रमण का शिकार हो गए हैं। सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों के कई चिकित्सक अवकाश पर चले गए हैं। अस्पतालों में कुछ नर्स, कम्पाउंडर सहित अन्य कर्मी भी वायरल इन्फेक्शन के शिकार हुए हैं। एक के बाद एक चिकित्सकों के बीमारियों की चपेट में आने से डॉक्टर्स और सपोर्टिंग स्टाफ की संख्या बढऩे से मरीजों की भीड़ के बीच अस्पतालों की व्यवस्थाएं लडख़ड़ाने का अंदेशा है।
news facts- वायरल बुखार के संक्रमण का असर
सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में लडख़ड़ाईं व्यवस्था
मरीजों को देखते-देखते डॉक्टर खुद बीमार
सपोर्टिंग स्टाफ भी प्रभावित-
अस्पतालों और निजी क्लीनिक में चिकित्सकों के सपोर्टिंग स्टाफ पर भी अब डेंगू, चिकनगुनिया और वायरल बुखार का संक्रमण अटैक कर रहा है। सूत्रों के अनुसार मेडिकल, विक्टोरिया और निजी अस्पतालों के कुछ नर्सिंग स्टाफ भी बीमार चल रहे हैं। फ्लू के मरीजों की जांच करने वाले मेडिसिन के डॉक्टर भी संक्रमण की चपेट में है। निजी क्लीनिक सहायकों के बीमार पडऩे से कुछ डॉक्टर्स की क्लीनिक में मरीजों की जांच भी प्रभावित हो रही है। डेंगू, चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा नष्ट करने वाली मलेरिया विभाग की टीम के कर्मी भी चिकनगुनिया का शिकार हो चुके हैं।
दवा खाकर कर रहे इलाज-
शहर में डेंगू, चिकनगुनिया और वायरल बुखार के पीडि़तों की संख्या कम ही नहीं हो रही है। अधारताल, मोतीनाला, गोहलपुर और गढ़ा के बाद अब राइटटाउन, नेपियर टाउन, कटंगा, गोरखपुर, विजय नगर सहित अन्य क्षेत्रों के साथ आसपास गांवों से लगातार दर्द से कराहते और बुखार से गंभीर रुप से पीडि़त मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पतालों और क्लीनिक में लगातार मरीजों और संक्रमण की चपेट में आकर अब डॉक्टर और सपोर्टिंग स्टाफ भी पस्त हैं।
ये हैं हालात
09 के लगभग चिकित्सक विक्टोरिया जिला अस्पताल के बीमार।
02 निजी मेडिसिन विशेषज्ञ चिकनगुनिया के शिकार।
04 के करीब मेडिकल अस्पताल के डॉक्टर वायरल बुखार से प्रभावित।
01 चिकित्सक लेडी एल्गिन अस्पताल की भी वायरल इंफेक्शन से प्रभावित।
07 डॉक्टर, अलग-अलग निजी अस्पताल के भी बुखार से पीडि़त।
Published on:
28 Sept 2018 09:50 am
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