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हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रवि मलिमठ और जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने यह आदेश जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिए। याचिका जबलपुर के पूर्व पार्षद इंरजीत कुंवर पाल सिंह ने दायर की थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संजय अग्रवाल ने बताया कि मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को देखते हुए कोर्ट से तत्काल सुनवाई का आग्रह किया था। बेंच ने जनहित याचिका पर संज्ञान लेते हुए डॉक्टरों की हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया। साथ ही सभी डॉक्टरों को तत्काल काम पर लौटने का निर्देश दिया है।
सांकेतिक हड़ताल पर भी रोक
डॉक्टरों की हड़ताल पर सख्ती बरतते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि बिना अनुमति सांकेतिक हड़ताल पर भी नहीं जा सकते। साथ ही संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल पर भी संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने इसे खत्म करने के आदेश दिए हैं।
सरकार से बातचीत बेनतीजा रही
डॉक्टरों ने सांकेतिक हड़ताल एक मई से ही शुरू कर दिया था। जब उन्होंने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया था। दो मई को दो घंटे काम बंद करते हुए मांग पत्र अधिकारियों को सौंपा था। बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान करते हुए काम बंद कर दिया था। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। यहां तक कि ओपीडी के ताले नहीं खुले और वार्ड में भर्ती मरीजों को इलाज नहीं मिल पाया। उधर, मंगलवार को राज्य सरकार के साथ उनकी हुई बैठक बेनतीजा रही।
Published on:
03 May 2023 05:46 pm
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